
जबलपुर। भारतीय किसान संगठन ने अमेरिका-भारत व्यापार समझौते के विरोध में जिले की विभिन्न तहसीलों में विरोध प्रदर्शन और ज्ञापन सौंपे। संगठन का कहना है कि समझौते के तहत अमेरिकी कृषि उत्पादों पर शून्य आयात शुल्क भारत के किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए हानिकारक है। पाटन तहसील में भी तहसील अध्यक्ष नवीन पटेल, तहसील मंत्री प्रदीप पटेल, विपिन पटेल, कृष्णा पटेल, संकल्प पटेल, अनिल रजक, रजनीश ठाकुर और यशवंत सोनी की उपस्थिति में ज्ञापन दिया गया। पनागर तहसील में राष्ट्रीय महासचिव किसन पटेल, जिला अध्यक्ष रामराज पटेल, जिला उपाध्यक्ष डॉ. संतोष पटेल, तहसील अध्यक्ष अरविंद पटेल, ब्लॉक अध्यक्ष रोहित पटेल, जिला संगठन मंत्री सोनू पटेल, तहसील कोसा अध्यक्ष अजय पटेल, तहसील मीडिया प्रभारी धर्मेंद्र पटेल और सुरेश पटेल सहित भारी संख्या में किसान मौजूद रहे। तहसीलदार गौरव पांडे और नायब तहसीलदार सुनीता शर्मा को ज्ञापन सौंपा गया। सिहोरा तहसील में अध्यक्ष आशीष पटेल के नेतृत्व में एसडीएम को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन दिया गया, जिसमें राष्ट्रीय सचिव किसन पटेल, जिला अध्यक्ष रामराज पटेल, जिला उपाध्यक्ष डॉ. संतोष पटेल, पनागर तहसील अध्यक्ष अरविंद पटेल, ब्लॉक अध्यक्ष रोहित पटेल सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद थे। मझौली तहसील में तहसीलाध्यक्ष ज्ञान सिंह राजपूत के नेतृत्व में ज्ञापन सौंपा गया। किसान संगठन ने कहा कि 65 प्रतिशत आबादी कृषि और सहायक क्षेत्रों पर निर्भर है और यह समझौता देश के किसानों के हित में नहीं है। संगठन ने महामहिम राष्ट्रपति से आग्रह किया है कि समझौते पर रोक लगाकर आम जन को राहत प्रदान की जाए।
भारत कृषक समाज ने लगाई करार रद्द करने गुहार
यूएस और भारत के बीच हाल ही में हुए व्यापार करार को किसानों ने एकतरफा और किसान विरोधी बताया है। कृषक समाज ने कहा कि अमेरिका के कृषि उत्पादों पर भारत का जीरो प्रतिशत टैरिफ़ अमेरिकी किसानों को लाभ पहुंचाएगा और भारतीय किसानों को बर्बाद कर देगा। भारत कृषक समाज के महाकौशल म.प्र. अध्यक्ष इंजी. के. के. अग्रवाल, संभागीय सचिव रूपेंद्र पटेल और जबलपुर जिला अध्यक्ष जे. आर. गायकवाड़ ने राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजकर इस करार को रद्द करने की मांग की है।
