महा-आयोजन की महा-तैयारी सिंहस्थ 2028 के लिए ओंकारेश्वर का होगा कायाकल्प

ओंकारेश्वर। आगामी सिंहस्थ 2028 के महाआयोजन को लेकर जिला प्रशासन ने अभी से कमर कस ली है। ओंकारेश्वर में जुटने वाले अनुमानित 5 से 6 करोड़ श्रद्धालुओं की सुविधा और सुगम दर्शन के लिए एक वृहद मास्टर प्लान तैयार किया जा रहा है। ममलेश्वर लोक परियोजना के निरस्त होने के बाद, मंदिर क्षेत्र के विस्तार, सडक़ चौड़ीकरण और विशाल होल्डिंग एरिया के निर्माण को लेकर प्रशासन, संतों, जनप्रतिनिधियों और नगरवासियों की पहली अहम संयुक्त बैठक संपन्न हुई। प्रशासन के अनुसार, 2016 के सिंहस्थ में यहाँ लगभग 50 लाख श्रद्धालु आए थे, लेकिन 2028 में प्रतिदिन 2 से 3 लाख श्रद्धालुओं के दर्शन करने का अनुमान है।

जूना महल हटेगा, बनेंगे विशाल होल्डिंग एरिया: वर्तमान में मंदिर और घाटों के संकरे मार्गों के कारण दर्शन की गति काफी धीमी रहती है और आपात स्थिति में निकासी एक बड़ी चुनौती है। इससे निपटने के लिए जूना महल को हटाकर एक आधुनिक दो मंजिला होल्डिंग एरिया बनाने का निर्णय लिया गया है। पुराने पुल बड़ चौक से मंदिर तक और ममलेश्वर मंदिर से भक्त निवास एवं झूला पुल को जोडऩे वाले मार्गों के दोनों ओर की इमारतों को हटाकर रास्ता चौड़ा किया जाएगा। नए होल्डिंग एरिया इस तरह डिजाइन किए जाएंगे कि भीड़ बढऩे पर एक साथ पचास हजार से एक लाख श्रद्धालुओं को वहां सुरक्षित रोका जा सके।

प्रभावित परिवारों को मिलेंगे फ्लैट और नई दुकानें:विकास की इस रूपरेखा में ममलेश्वर और ओंकारेश्वर क्षेत्रों को मिलाकर कुल 150 मकान, 246 दुकानें, 7 धर्मशालाएं और 2 होटल प्रभावित होंगे। कलेक्टर ऋषभ गुप्ता ने स्थानीय लोगों को आश्वस्त किया है कि विस्थापित होने वाले दुकानदारों को नई दुकानें और परिवारों को फ्लैट दिए जाएंगे। यदि भूमि के क्षेत्रफल में कोई अंतर आता है, तो उचित मुआवजा भी प्रदान किया जाएगा। इसके लिए निर्माण एजेंसियों को तत्काल मैदानी सर्वे शुरू करने के निर्देश दे दिए गए हैं।

भीड़ के अनुसार लागू होगा चरणबद्ध ट्रैफिक प्लान :ब्रॉडगेज रेलवे और नेशनल हाईवे की कनेक्टिविटी बढऩे से वाहनों की संख्या में 50त्न तक की भारी वृद्धि होने की संभावना है। पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार राय ने स्थिति को संभालने के लिए चरणबद्ध ट्रैफिक प्लान पेश किया है। एक से तीन लाख श्रद्धालुओं की संख्या होने पर कोठी मोटक्का क्षेत्र में पार्किंग कराई जाएगी। भीड़ तीन से पांच लाख होने पर पार्किंग का दायरा सनावद, बड़वाह और पुनासा तक बढ़ाया जाएगा। इससे अधिक भीड़ होने पर इंदौर, देवास, खरगोन, हरदा और बैतूल मार्गों पर ही वाहनों को डायवर्ट और नियंत्रित किया जाएगा। व्यवस्था के लिए 135 जवानों वाले नए ट्रैफिक पुलिस स्टेशन का प्रस्ताव मुख्यमंत्री को भेजा गया है।

स्थानीय जनप्रतिनिधियों की मांग: बैठक में संत समाज और स्थानीय नेताओं ने प्रमुखता से अपनी बात रखी। महंत मंगलदास त्यागी ने इस पूरी योजना पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए स्पष्ट किया है कि स्थानीय लोगों की सहमति और भागीदारी के बिना इतनी बड़ी योजना सफल नहीं हो सकती। उन्होंने प्रशासन को अवगत कराया है कि आगामी 19 फरवरी को नगरवासियों की एक विशेष बैठक आयोजित की जाएगी। इस बैठक में मंदिर विस्तार, विस्थापन और सुविधाओं के निर्माण से जुड़े मुद्दों पर स्थानीय रहवासियों की राय ली जाएगी। वहां से जो भी निष्कर्ष और महत्वपूर्ण सुझाव निकलेंगे, उन्हें एक प्रस्ताव के रूप में प्रशासन को सौंपा जाएगा ताकि विकास योजना में स्थानीय हितों का पूरा ध्यान रखा जा सके। वहीं पंडित निलेश पुरोहित ने विस्थापितों को नगर परिषद सीमा के भीतर ही प्लॉट देने की पुरजोर मांग की। वहीं, पंडित नवलकिशोर शर्मा ने सभी निर्माण योजनाओं को समय सीमा के भीतर पूरा करने पर जोर दिया ताकि आयोजन के समय कोई अव्यवस्था न फैले।

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