ग्वालियर:राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित की जा रही प्रमुख जन गोष्ठियों का उद्देश्य सकारात्मक विमर्श के माध्यम से समाज और राष्ट्र को सशक्त बनाना है। प्राचीन काल की तरह वर्तमान समय में भी कुछ शक्तियां नकारात्मक विचारों के माध्यम से देश को कमजोर करने का प्रयास कर रही हैं.
यह विचार राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ मध्य भारत प्रांत के सह संपर्क प्रमुख नवल शुक्ला ने राष्ट्रोत्थान न्यास के विवेकानंद सभागार में आयोजित प्रमुख जन गोष्ठी में मुख्य वक्ता के रूप में व्यक्त किए। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ शिवाजी नगर द्वारा आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता नगर संघचालक पवन चड्ढा ने की। वंदे मातरम् गान की प्रस्तुति व्याप्ति उमड़ेकर ने दी।
कार्यक्रम का संचालन नगर कार्यवाह मनोज जुनेजा एवं आभार नगर संपर्क प्रमुख मुरली सविता ने व्यक्त किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक और स्वयंसेवक उपस्थित रहे।
इसी प्रकार राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के ग्वालियर विभाग संघचालक प्रहलाद सबनानी ने केशव नगर द्वारा गजराराजा स्कूल परिसर स्थित विद्या भारती कार्यालय में आयोजित प्रमुख जन गोष्ठी में स्वामी विवेकानंद का उदाहरण देते हुए कहा कि उन्होंने भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक मूल्यों को विश्व पटल पर स्थापित किया था।
आज के समय में भी समाज को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़े रहना अत्यंत आवश्यक है और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ इसी दिशा में कार्य कर रहा है। कार्यक्रम की अध्यक्षता लश्कर जिला संघचालक सुनील पाठक ने की। इस अवसर पर केशव नगर संघचालक हीरालाल मंडेलिया भी मंचासीन रहे।
