
सिंगरौली। दिल्ली पब्लिक स्कूल निगाही में 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों के लिए स्नेह,सम्मान और उल्लास से भरपूर विदाई समारोह का आयोजन किया गया। इसकी जानकारी देते हुए प्राचार्य सुखवंत सिंह थापर ने बताया कि कार्यक्रम का संयोजन 11वीं कक्षा के विद्यार्थियों ने रंगारंग प्रस्तुतियों के साथ अत्यंत सुव्यवस्थित ढंग से किया। विद्यालय परिसर उत्सव के वातावरण से सराबोर रहा,जहाँ संगीत,नृत्य और प्रेरक उद्बोधनों के बीच वरिष्ठ विद्यार्थियों को उनके आगामी जीवन पथ के लिए शुभकामनाएँ दी गईं।
समारोह की शुरुआत दीप प्रज्वलन और सरस्वती वंदना से हुई। इसके पश्चात विद्यार्थी परिषद की प्रधान छात्रा रागिनी साहू ने औपचारिक रूप से स्वागत भाषण दिया। 11वीं कक्षा के विद्यार्थियों ने समूह नृत्य, गीत-संगीत,कविता एवं नाट्य प्रस्तुति के माध्यम से मनमोहक प्रस्तुतियाँ दीं। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण विभिन्न उपाधियों का वितरण रहा, जिनके माध्यम से विद्यार्थियों की विशिष्ट प्रतिभाओं एवं व्यक्तित्व गुणों का सम्मान किया गया। इस अवसर पर मिस्टर डीपीएस का खिताब सत्यम आनंद एवं मिस डीपीएस का खिताब अभिरूपा विश्वास को प्रदान किया गया। इसी क्रम में मिस्टर फेयरवेल रोहन सिंह एवं मिस फेयरवेल आकांक्षा सिंह, मिस्टर स्पोर्ट स्टार मोहम्मद अदनान शाहिद एवं मिस स्पोर्ट स्टार शुभांगी कुमारी सिंह, मिस्टर कॉम एंड कूल आदर्श कुमार सिंह एवं मिस कॉम एंड कूल-हनी सिंह, मिस्टर ओरेटर रोचक जैन एवं मिस ओरेटर शैली वैश्य, मिस्टर वर्सेटाइल अश्वित सिंह एवं मिस वर्सेटाइल पलक तिवारी, मिस्टर मिलियन डॉलर स्माइल वेदांत मिश्र एवं मिस मिलियन डॉलर स्माइल आकांक्षा सिंह, मिस्टर बायो सत्यम आनंद एवं मिस बायो हर्षिता शुक्ला, मिस्टर साइंटिफिक इनोवेटर उत्कर्ष पाण्डेय एवं मिस साइंटिफिक इनोवेटर वासवी दत्ता, मिस्टर कॉमर्स हर्ष चतुर्वेदी एवं मिस कॉमर्स वंशिका सिंह चौहान, मिस्टर बेनेवोलेंट सत्कीरत सिंह एवं मिस बेनेवोलेंट श्रेया सिंह, मिस्टर सिंसियर यशराज पाण्डेय और मिस सिंसियर अदिति शाह, मिस्टर क्रिएटिव कृष शाह एवं मिस क्रिएटिव तेषनी गोस्वामी, मिस्टर क्रिकेट राइजिंग स्टार हर्षित दुबे, मिस सरगम अभिरूपा विश्वास, मिस्टर बीट बॉक्सर मोहम्मद आदिल, मिस डांसिंग स्टार प्रतीक्षा पाण्डेय तथा मिस्टर जीनियस का खिताब असीम अहमद को प्रदान किया गया।
विद्यार्थियों को आशीर्वचन देते हुए शिक्षक मनोज कुमार मिश्र ने श्रीमद्भगवद्गीता में वर्णित कर्मयोग के संदेश का उल्लेख करते हुए कहा कि निरंतर परिश्रम,अनुशासन और सकारात्मक दृष्टिकोण ही सफलता की कुंजी है। उन्होंने विद्यार्थियों को लक्ष्य के प्रति समर्पित रहकर आगे बढ़ने का संदेश दिया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
प्राचार्य श्री थापर ने अपने प्रेरक उद्बोधन में कहा कि विद्यालयी जीवन में नर्सरी से 12वीं तक शिक्षक, हाउस वार्डन और अभिभावक विद्यार्थियों के मार्गदर्शक बनकर उनके साथ रहते हैं, परंतु कॉलेज जीवन में आत्मनिर्भरता और आत्मानुशासन की परीक्षा होती है। उन्होंने विद्यार्थियों से चुनौतियों को स्वीकार करते हुए आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि इस संसार में माता-पिता और शिक्षक ही ऐसे होते हैं जो सच्चे मन से चाहते हैं कि उनके शिष्य उनसे भी आगे बढ़ें।
उन्होंने बोर्ड परीक्षाओं के संदर्भ में उपयोगी सुझाव देते हुए समय-प्रबंधन, प्रश्नपत्र की सावधानीपूर्वक पढ़ाई, संतुलित लेखन और आत्मविश्वास बनाए रखने पर बल दिया।
कार्यक्रम में 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों ने विद्यालय के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए अपने अनुभव साझा किए। समारोह भावुक क्षणों और मधुर स्मृतियों के साथ संपन्न हुआ। विद्यालय परिवार ने सभी विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य,उत्तम स्वास्थ्य और निरंतर प्रगति की कामना की। कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थी परिषद के प्रधान छात्र उत्कर्ष तिवारी ने धन्यवाद ज्ञापन किया और राष्ट्रगान के साथ यह समारोह समाप्त हुआ।
