
जबलपुर। मप्र हाईकोर्ट के जस्टिस विवेक अग्रवाल व जस्टिस राजेंद्र कुमार वाणी की युगलपीठ ने एक मामले में चार्जशीट की वैधता की जांच कर रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं। पूर्व निर्देश के पालन में विशेष स्थापना पुलिस लोकायुक्त के डीजी योगेश देशमुख न्यायालय में हाजिर हुए। उन्होंने माना कि जो ओरिजिनल फाइल पेश की गई थी, वह ठीक से पेश नहीं की गई थी। वे चार्जशीट की वैलिडिटी की जांच करने का जिम्मा लेते हैं और पंद्रह दिनों के अंदर अपनी रिपोर्ट देंगे। यह रिपोर्ट 27 फरवरी को या उससे पहले फाइल की जाएगी। मामले की अगली सुनवाई पांच मार्च को होगी। तब तक ओरिजिनल डाक्यूमेंट्स को फिर से सील करके फाइल के साथ रजिस्ट्रार जनरल की सेफ कस्टडी में रखा जाएगा।
दरअसल अपीलकर्ता भोपाल निवासी नागरिक आपूर्ति विभाग के सेवानिवृत्त अधिकारी दिनेश चौरसिया की ओर से अधिवक्ता अभिमन्यु सिंह ने पक्ष रखा। उन्होंने दलील दी कि लोकायुक्त ने उनके विरुद्घ आय से अधिक संपत्ति का मामला पंजीबद्ध किया था। पहले अर्जित संपत्ति 10 प्रतिशत से कम पाने पर ट्रायल कोर्ट में क्लोजर रिपोर्ट पेश की गई। लेकिन आगे चलकर अर्जित संपत्ति कलेक्टर दर से पुनर्मूल्यांकन कर 13 प्रतिशत के ऊपर दर्शित करते हुए ट्रायल कोर्ट में क्लोजर रिपोर्ट वापस लेने का आवेदन कर दिया। यह रवैया अनुचित होने के कारण हाईकोर्ट में अपील दायर की गई।
