भैरुंदा। क्षेत्र के नर्मदा तटीय गांव में 10 वर्षीय नाबालिग बालिका के साथ हुए दुष्कर्म के मामले में पुलिस जांच के दौरान बड़ा और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. शुरुआत में जिस मामले को दो अज्ञात बाइक सवार युवकों द्वारा अंजाम दिया जाना बताया जा रहा था, वहीं जांच आगे बढऩे पर यह घर के ही एक सदस्य तक जा पहुंचा. पुलिस ने पीडि़ता के 16 वर्षीय नाबालिग सगे मामा को आरोपी मानते हुए गिरफ्तार कर बाल सुधार गृह भेज दिया है. यह घटना 4 फरवरी की सुबह लगभग 6 बजे की है. परिजनों को दिए गए शुरुआती बयान में बालिका ने बताया था कि दो बाइक सवार अज्ञात युवक उसे जबरन उठाकर खेत में ले गए थे और उसके साथ दुष्कर्म किया. घटना स्थल से पुलिस को एक काली जैकेट भी बरामद हुई थी, जिसे अहम सबूत मानते हुए जांच शुरू की गई. बालिका ने जो घटना स्थल बताया था वह रोड किनारे था जो पुलिस को सही नहीं लग रहा था. पुलिस टीम ने घटनास्थल और आसपास के क्षेत्रों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले. इसी दौरान बालिका की मेडिकल रिपोर्ट कराई गई. पीडि़ता के बयान में भी विरोधाभास सामने आए, जिससे पुलिस को पूरे मामले पर संदेह हुआ. दूसरा कारण यह रहा कि जो घटना स्थल बताया गया था वह रोड के पास था. इन सभी कारणों के चलते पुलिस की जांच का एंगल बदला और फिर यह साफ हो गया कि इस मामले में कोई परिचित ही हो सकता है. सच्चाई सामने आते ही पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए नाबालिग मामा को हिरासत में लिया और किशोर न्यायालय में पेश किया गया.
