जबलपुर: रानी दुर्गावती विश्वविद्यलय, जबलपुर और इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (आईसीएआई), नई दिल्ली के बीच वाणिज्य स्नातकों के हित में एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। इस अवसर पर कुलगुरु प्रो. राजेश कुमार वर्मा ने इसे विश्वविद्यालय के लिए ऐतिहासिक पहल बताते हुए कहा कि इस अकादमिक सहयोग से छात्रों के दृष्टिकोण में सकारात्मक बदलाव आएगा और उनके कैरियर के अवसर बढ़ेंगे। नई दिल्ली में आयोजित एमओयू कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद सीए अरुण सिंह, आईसीएआई अध्यक्ष सीए चरणजोत सिंह नंदा, सीए हंसराज चुग सहित कई गणमान्य उपस्थित रहे।
समझौते पर आईसीएआई संयुक्त निदेशक एवं सचिव, बोर्ड ऑफ स्टडीज (एकेडमिक) सीए (डॉ.) रश्मि गोयल और रादुविवि के प्रभारी कुलसचिव प्रो. सुरेन्द्र सिंह ने हस्ताक्षर किए। कुलगुरु प्रो. वर्मा ने बताया कि यह एमओयू एनईपी और यूजीसी के पाठ्यक्रम एवं क्रेडिट ढांचे के अनुरूप तैयार किया गया है, जिसका उद्देश्य बी.कॉम, बी.कॉम ऑनर्स, बीबीए, एमबीए, एम.कॉम, सर्टिफिकेट और डिप्लोमा कॉमर्स पाठ्यक्रमों में अकादमिक, प्रशिक्षण और शोध सहयोग को बढ़ावा देना है।
इससे छात्रों को इंटर्नशिप के साथ व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त करते हुए अकादमिक योग्यता अर्जित करने का अनूठा अवसर मिलेगा। वहीं आईसीएआई अध्यक्ष सीए चरणजोत सिंह नंदा ने कुलगुरु के सहयोग के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शिक्षा ही योग्यतम की उत्तरजीविता का माध्यम है। यह साझेदारी बहुविषयक शिक्षा, संयुक्त प्रशिक्षण और संकाय विकास को सशक्त बनाएगी। रादुविवि मध्यप्रदेश का पहला राज्य विश्वविद्यालय है जिसने आईसीएआई से एमओयू किया है।
