
श्योपुर/ग्वालियर। कूनो नेशनल पार्क में मादा चीता आशा ने पांच स्वस्थ शावकों को जन्म दिया है। इस उपलब्धि के साथ भारत में जन्मे चीता शावकों की संख्या बढ़कर 24 हो गई है, जबकि कूनो में कुल चीतों की आबादी 35 तक पहुंच गई है।
डीएफओ आर थिरूकुरल ने बताया कि आशा और उसके सभी शावक स्वस्थ हैं। कूनों के डॉक्टरों की टीम उसकी निगरानी कर रही है। कूनो नेशनल पार्क में लगातार मिल रही सफलताएं चीता पुनर्स्थापना परियोजना की प्रभावशीलता को दर्शाती हैं। यह उचित निगरानी, वैज्ञानिक प्रबंधन और समर्पित टीमवर्क से वन्यजीव संरक्षण लक्ष्यों को प्राप्त करने की क्षमता को भी प्रमाणित करता है।
*मुख्यमंत्री ने दी बधाई*
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर यह जानकारी साझा की। उन्होंने इसे प्रदेश और देश के लिए गौरवपूर्ण क्षण बताया और वन विभाग, वन कर्मचारियों तथा पशु चिकित्सकों के प्रयासों की सराहना की।
*भारत की चीता संरक्षण यात्रा और मजबूत हुई*
कूनो नेशनल पार्क में 27 चीते पहले से मौजूद थे। नए शावकों के जन्म से यह संख्या बढ़ी है, जो अब 32 पर पहुंच गई है। मध्यप्रदेश को वन्यजीव संरक्षण के एक मजबूत केंद्र के रूप में स्थापित किया जा रहा है। चीता आशा ने पांच स्वस्थ शावकों को जन्म दिया, जिससे भारत की चीता संरक्षण यात्रा और मजबूत हुई है। सीएम ने कहा है कि यह उपलब्धि वन कर्मचारियों और पशु चिकित्सकों की अथक मेहनत को दिखाती है। राज्य वन्यजीव संरक्षण के केंद्र के रूप में उभर रहा है।
