
सिंगरौली। 12 फरवरी को प्रस्तावित देशव्यापी एक दिवसीय हड़ताल को लेकर एनसीएल सिंगरौली में गतिविधियां तेज हो गई हैं। शनिवार को ब्लॉक-बी परियोजना, मुख्यालय एवं झिंगुरदा परियोजना के टाइम ऑफिस परिसर में संयुक्त मोर्चा के तत्वाधान में गेट मीटिंग एवं नारेबाजी कर श्रमिकों से हड़ताल में शामिल होने की अपील की गई।
बैठक में सीएमएस के महामंत्री कामरेड अजय कुमार, सीटू के केंद्रीय महामंत्री पी.एस. पांडे, एचएमएस के महामंत्री अशोक पांडेय, आरसीएसएस के लाल पुष्पराज सिंह सहित अन्य यूनियन प्रतिनिधि उपस्थित रहे। वक्ताओं ने केंद्र सरकार द्वारा लागू चार लेबर कोड के विरोध में हड़ताल को आवश्यक बताते हुए इसे श्रमिक हितों की लड़ाई बताया।
इधर, कोल इंडिया के सीईओ एवं एनसीएल के प्रभारी अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक बी. साईराम ने कर्मचारियों के नाम जारी अपील पत्र में 12 फरवरी की प्रस्तावित हड़ताल में भाग नहीं लेने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा है कि कोयला उद्योग को ‘जन उपयोगी सेवा’ घोषित किया जा चुका है। ऐसे में किसी भी प्रकार की हड़ताल अवैध मानी जाएगी और “कार्य नहीं तो वेतन नहीं” सहित अन्य वैधानिक कार्रवाई लागू हो सकती है।
सीएमडी ने पत्र में यह भी उल्लेख किया है कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में 140 मिलियन टन उत्पादन लक्ष्य की प्राप्ति तथा राष्ट्र की ऊर्जा आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए सभी कर्मचारियों का सहयोग आवश्यक है।
हड़ताल को लेकर एक ओर जहां ट्रेड यूनियनें लामबंद हैं, वहीं प्रबंधन ने उत्पादन और राष्ट्रहित का हवाला देते हुए कर्मचारियों से कार्य पर बने रहने की अपील की है। एनसीएल में आगामी 12 फरवरी को स्थिति क्या रूप लेगी, इस पर सबकी निगाहें टिकी हैं।
