मनमानी: शहर के प्रमुख मार्ग बने अघोषित बस स्टैण्ड 

सीधी। जिला मुख्यालय में नवीन बस स्टैण्ड के संचालन के बाद भी बस आपरेटरों की मनमानी के चलते शहर के प्रमुख मार्ग अघोषित बस स्टैण्ड बन गये हैं।सीधी सिंगरौली मार्ग के सम्राट चौराहे से हिरन नाला मार्ग सहित शहर के प्रमुख मार्गों में सड़क किनारे खड़ी बसें आये दिन दुर्घटनाओं का सबब बनी हुई है। इस अव्यवस्था को दुरुस्त करने यातायात पुलिस एवं नपा प्रशासन के द्वारा संयुक्त रुप से कड़ी कार्यवाही की दरकार है।

यहां बताते चलें कि

नवीन बस स्टैण्ड के समीप गोपालदास एवं रीवा मार्ग के साथ तिराहे के अलावा सीधी – सिंगरौली एनएच-39 सम्राट चौराहे से हिरन नाला मार्ग के साथ -साथ पटेल पुल से मड़रिया मुख्य मार्ग, प्रधानमंत्री एक्सलेंसी कालेज मार्ग, गांधी चौक से स्टेडियम मार्ग में सड़क किनारे अक्सर बसें खड़ी रहती हैं। जिसके चलते सड़क के आधे भाग में ही वाहनों की आवाजाही होती है। जिसका खामियाजा शहरवासियों को दुर्घटनाओं के रुप में भुगतना मजबूरी बनी हुई है। सम्राट चौक से सिंचाई विभाग मार्ग अघोषित रूप से बस स्टैण्ड बना हुआ है। यहां दर्जनों बसें कतारबद्ध तरीके से खड़ी होती हैं। समय होने पर यहीं से यात्रियों को लेकर अपने गंतव्य के लिये रवाना होती हैं। यहां यह बताना जरूरी है कि यातायात पुलिस प्रशासन द्वारा कई बार बस संचालकों एवं बस आपरेटरों की बैठक कर समझाइश दी गई। यहां तक कि चालानी कार्यवाही भी हुई। लेकिन बस आपरेटरों की मनमानी इसके बाद भी रुकने का नाम नही ले रही है।

दुर्घटनाओं को आमंत्रण देते सड़क किनारे खड़े रहते हैं आटो

शहर के प्रमुख चौराहों सम्राट चौक, अस्पताल चौक, गांधी चौक , शहीद श्यामलाल सिंह तिराहा, पुराना बस स्टैण्ड के सामने एवं अन्दर सहित सड़क किनारे कहीं भी जहां मन पड़ता है वहीं आटो टैम्पो रिक्शा चालक खड़ा कर देते हैं। जिससे दुर्घटना के साथ -साथ अक्सर जाम लगने से यातायात व्यवस्था बिगड़ती रहती है। जबकि यातायात पुलिस द्वारा समय-समय पर इन आटो चालकों के खिलाफ चालानी कार्यवाही भी की जाती है। इसके बाद भी आटो चालकों की मनमानी थमने का नाम नही ले रही है।

यहां सड़क पर लगती है यात्रियों की भीड़

शहर के विभिन्न चौराहों में यात्री वाहनों का इंतजार करने के लिए यात्रियों की भीड़ जुटती है, और यात्रियों को घंटो सडक़ पर खड़े होकर वाहनों का इंतजार करना पड़ता है। ऐसे स्थलों व चौराहों में मुख्य रूप से शहीद श्यामलाल सिंह तिराहा, सम्राट चौक, लालता चौक, ऊंची हवेली, कलेक्ट्रेट मार्ग मर्चुरी के पास, पुराने यातायात थाने के पास, सिंचाई विभाग कार्यालय के पास सिंगरौली मार्ग सहित अन्य प्रमुख स्थल शामिल हैं। यहां लगने वाले वाहनों व यात्रियों के जमावड़े से सडक़ हादसों का भी खतरा बना रहता है

अघोषित टैक्सी स्टैण्डों से भी होती है समस्या

जिला मुख्यालयों से विभिन्न रूटों को जाने के लिए जिले मेंं अघोषित रूप से चार टैक्सी स्टैंड संचालित हैं, जहां बड़ी संख्या में ऑटो वाहन व टैक्सियां खड़ी रहती हैं। यहां बड़ी संख्या में यात्रियों की भी भीड़ जुटती है। लेकिन इन टैक्सी स्टैंडों में भी यात्री सुविधा के नाम पर कोई व्यवस्था नहीं है। न तो यहां यात्रियों के लिए प्रतीक्षालय है और न ही पेयजल आदि की सुविधा। जिससे यात्रियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

इनका कहना है

इस समस्या के समाधान के लिए तत्कालीन यातायात थाना प्रभारी कई बार बस एवं आटो चालकों के साथ बैठक कर समझाइश देने के अलावा चालानी कार्यवाही भी की गई है। मेरे द्वारा भी बस आपरेटरों एवं संचालकों की बैठक की जायेगी।इसके आटो संघ के साथ बैठक करने के अलावा नगर पालिका प्रशासन को पत्र लिखकर संयुक्त रूप से मजबूरी में कड़ी कार्यवाही की जायेगी। इस समस्या का स्थाई समाधान हेतु जनता एवं बस और आटो चालकों सहयोग के बिना संभव नही है।

भूपेश वैस, थाना प्रभारी यातायात पुलिस सीधी

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