मंडला: शहर की सड़कों और मोहल्लों में घूमते आवारा पशुओं से हो रही परेशानी को लेकर जनजागृति सेवाओं की स्थायी लोक अदालत ने बड़ा आदेश जारी किया है। अदालत ने नगर पालिका परिषद मंडला और मुख्य नगर पालिका अधिकारी को निर्देश दिए हैं कि शहर के मुख्य मार्गों पर घूम रहे आवारा मवेशी, भैंस, सांड, आवारा कुत्ते एवं सूअर आदि को पकड़कर कांजी हाउस में रखा जाए। साथ ही इन जानवरों के मालिकों के खिलाफ नियम अनुसार कार्यवाही भी सुनिश्चित की जाए।
प्रथम जिला न्यायाधीश एवं लोक अदालत अध्यक्ष सुबोध कुमार विश्वकर्मा ने साफ कहा कि नगर पालिका का यह नैतिक और कानूनी दायित्व है कि नागरिकों को सुरक्षित वातावरण प्रदान किया जाए। अदालत ने नगर पालिका को 15 दिन में कार्रवाई रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।गौरतलब है कि मंडला शहर में लंबे समय से गली-मोहल्लों और मुख्य बाजारों में आवारा जानवरों के कारण दुर्घटनाएं होती रही हैं। कई बार शिकायतों के बावजूद नगर पालिका द्वारा ठोस कदम नहीं उठाए जाने पर अधिवक्ताओं ने लोक अदालत की शरण ली थी।
