मध्यप्रदेश में लूट और हत्या की घटनाएं कब रुकेंगी

मध्य क्षेत्र की डायरी

दिलीप झा

मध्यप्रदेश में लूट और हत्या की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही है।

कानून का राज स्थापित करना सरकार की अहम जिम्मेदारी है क्योंकि इससे राज्य में शांति बनी रहती है। इन दिनों राज्य में असामाजिक तत्वों का तांडव अक्सर देखने को मिल रहा है। यह निर्विवाद रूप से सत्य है कि राजनीतिक हलकों से असामाजिक तत्वों को भड़काया जा रहा है। लेकिन इसके बावजूद सरकार और पुलिस प्रशासन के द्वारा यह नहीं कहा जा सकता कि इतने बड़े प्रदेश में छोटे छोटे अपराध होते रहते हैं। अपराधियों के बेलगाम होने से कानून व्यवस्था पर सवाल जरूर उठाए जाएंगे क्योंकि नागरिकों की सुरक्षा सरकार की जिम्मेदारी है। इसमें भी कोई दो राय नहीं है कि मध्यप्रदेश पुलिस अच्छा काम रही है लेकिन चुस्त और दुरुस्त नहीं है। अपने पुराने ढर्रे में बनी हुई है। बदलते दौर का अहसास उसे अभी भी नहीं है,यह चिंता का विषय है। सांप भागने के बाद लकीर पीटने वाली पुलिस की आदत में सुधार नहीं हुआ है। लूट और हत्या की वारदातों को अगर बेखौफ अंजाम दिया जा रहा है तो निश्चित रूप से यह कहने में कोई संकोच नहीं है कि पुलिस अपने इकबाल को बुलंद नहीं रख पा रहा है। इसके पीछे पुलिस की राजनीतिकरण रवैया को लोग सबसे ज्यादा दोषी मान रहे हैं। दो दिन पहले रायसेन जिला में बंधक बनाकर लूट की घटना और सागर में एक नर्स की सरेआम गोली मारकर हत्या जैसी घटनाओं ने कानून व्यवस्था की लुंजपुंज रवैया पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

परिजनो ने एनएच पर जाम लगाया

 

तीन दिन पहले सागर जिले के शाहगढ थाना क्षेत्र अंतर्गत 4 फरवरी को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के सामने स्टाफ नर्स की गोली मारकर हत्या जैसी घटना के बाद लोग पूछ रहे हैं कि हमारी पुलिस व्यवस्था क्या चरमरा गई है। आम आदमी की सुरक्षा करने में पुलिस विफल क्यों है।

गुरुवार 5 फरवरी को हत्या के आरोपी की गिरफ्तारी की मांग को लेकर परिजनो और ग्रामवासीयों ने राष्ट्रीय राजमार्ग सागर छतरपुर पर जाम लगा दिया गया। हत्या का आरोपी मौसेरा भाई बताया गया है जो कि घटना के बाद से फरार है। पुलिस अभी तक नहीं पकड़ सकी है। बता दें कि बुधवार की रात में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शाहगढ की स्टाफ नर्स दीपशिखा की अज्ञात आरोपी ने गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव का पंचनामा कार्रवाई कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया था। गुरुवार को परिजनो की मौजूदगी मे शव का पोस्टमार्टम कराया गया। जिसके बाद परिजनो ने शव सड़क पर रखकर ग्रामवासियों के साथ आरोपी की गिरफ्तारी की मांग की गई। पुलिस के अनुसार हत्या का आरोपी मृतिका का मौसेरा भाई सुशील आठ्या है जो कि पूर्व में उसकी परेशान करने की शिकायत जबलपुर जिले के पनागर थाना क्षेत्र से है। हार तक कर मृतिका के परिजन शव लेकर पाटन जबलपुर रवाना हो गए। पुलिस का वहीं रवैया आरोपी की तलाश मे जुट गई है। पुलिस ने हत्या का प्रकरण दर्ज कर जांच मे ले लिया है। पुलिस प्रशासन की समझाईश पर जाम भी समाप्त कर दिया गया है। लेकिन पीड़ित को तत्काल क्या इंसाफ मिला।

 

एमडी ड्रग्स से युवा पीढ़ी को बचाए सरकार

मध्यप्रदेश में एमडी ड्रग्स का बहुत जबरदस्त खेल चल रहा है लेकिन इसे रोकने में हमारी सरकार अथवा पुलिस असमर्थ क्यों है,यह शोध का विषय बनता जा रहा है। हर दूसरे तीसरे दिन एमडी ड्रग्स की खेप पकड़ी जा रही है‌ और हमारा सिस्टम तमाशबीन है। तीन राज्यों से होती हुई संदिग्ध केमिकल की खेप राजगढ़ जिले के गोघटपुर पहुंच गई। सुराग के आधार पर 4 फरवरी की आधी रात को राजस्थान की पुलिस ने राजगढ़ पुलिस के साथ मिलकर दबिश दी तो हैरान करने वाली जानकारी मिली। पुलिस को गोघटपुर में घर के अंदर निर्माण से लेकर पैकिंग तक का पूरा सिस्टम मिला। पुलिस ने पांच तस्कर को गिरफ्तार कर यह खुलासा किया है कि मध्यप्रदेश के मालवा क्षेत्र समेत bhuकई जिलों में युवाओं को एमडी ड्रग्स सप्लाई होती थी। सबसे हैरानी की बात यह है कि राजगढ़ पुलिस को इसकी जानकारी नहीं थी। यह पुलिस प्रशासन पर बड़ा सवाल है।

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