
जबलपुर। ईस्टलैंड खमरिया स्थित एन टाइप पुराने स्कूल परिसर के पास तेंदुए ने गाय के बछड़े पर हमला करते हुए उसका गला दबाया। जिसके बाद बछड़े का शोर सुनकर स्थानीय लोग जागे और फिर उन्होनें शोर मचाया। लोगों का शोर सुनते ही तेंदुए ने बछड़े को छोड़ा और भाग निकला। इस हमले में गाय के बछड़े के गले में गंभीर चोटें आईं हैं। स्थानीय लोगों व ओएफके के कर्मचारियों का कहना है कि पिछले कुछ समय से खमरिया व आसपास के इलाके में कई तेंदुओं का मूवमेंट काफी हो चुका है जिस कारण आम जनजीवन बिल्कुल बिगड़ गया है।
लोगों ने वन विभाग से मांग की है कि तेंदुओं को पकड़कर दूर जंगल में छोड़ा जाए जिससे वे राहत की सांस ले सकें और बिना डर के जीवन जी सकें। गाय के बछड़े पर तेंदुआ द्वारा हमले के मामले में हैरानी की बात तो ये है कि वन विभाग के पास इतनी बड़ी घटना की कोई जानकारी ही नहीं है जबकि एन टाइप पुराने स्कूल के कर्मचारी का स्पष्ट कहना है कि उसकी गाय के बछड़े पर तेंदुए ने हमला किया है और उसने वन विभाग के किसी कर्मचारी को इसकी सूचना भी दी थी। संदीप, मायाबाई, सोमनाथ सहित अन्य ने नवभारत को बताया कि वे शाम ढलते ही अपने-अपने बच्चों को घरों में कैद करने मजबूर हो चुके हैं। ये सब तेंदुओं के आतंक से ही हुआ है।
इनका कहना है-
–तेंदुए के मूवमेंट को लेकर वन विभाग की टीम सक्रिय है। ईस्टलैंड खमरिया स्थित एन टाइप पुराने स्कूल परिसर में गाय के बछड़े पर तेंदुए द्वारा हमले की जानकारी वन विभाग के पास नहीं आई है।
–अपूर्व शर्मा, वन परिक्षेत्र अधिकारी।
