ओडिशा में 19 माओवादियों ने हथियार डाले

भुवनेश्वर, 06 फरवरी (वार्ता) ओडिशा के रायगढ़ा और कंधमाल जिलों में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के 19 भूमिगत कैडरों ने शुक्रवार को हिंसा का रास्ता छोड़कर लोकतांत्रिक मुख्यधारा में शामिल होने का विकल्प चुनते हुए पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया।

पुलिस महानिदेशक वाई.बी. खुरानिया ने कहा कि रायगढ़ा जिले में बीजीएन डिवीजन के 15 माओवादी कैडरों ने आत्मसमर्पण किया, इनमें राज्य समिति के दो सदस्य भी शामिल है। साथ ही कंधमाल में केकेबीएन डिवीजन से जुड़े चार कैडरों ने हथियार डाले।

रायगढ़ा में आत्मसमर्पण करने वाले राज्य समिति के दो सदस्यों की पहचान जगतसिंहपुर जिले के निखिल उर्फ निरंजन राउत और अंकिता उर्फ रश्मिता लेंका के रूप में हुई है। इन दोनों पर कुल 55 लाख रुपये का इनाम घोषित था। निखिल दो दशकों से अधिक समय से रायगढ़ा-गजपति-कंधमाल क्षेत्र में सक्रिय था।

पुलिस ने रायगढ़ा में आत्मसमर्पण करने वाले 13 अन्य कैडरों के पास से 14 अत्याधुनिक हथियार बरामद किए हैं। जब्त किए गए हथियारों में दो एके-47 राइफल, पांच एसएलआर, एक स्टेन गन, एक इंसास राइफल, एक .303 राइफल और चार सिंगल-शॉट बंदूकें शामिल हैं।

कंधमाल जिले में भाकपा (माओवादी) के चार पार्टी सदस्य-रैंक के कैडरों ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण किया। इनकी पहचान केकेबीएन डिवीजन के गंगा कुंजामी उर्फ जितेन, पांडुपारा गांव के उंगा कुंजामी (24), बटुमगांव गांव के मुचाकी रामा (23), मेटापाल गांव की चमोली कुंजाम उर्फ संतिला (21) और पोटाली गांव की बंदी मडवी उर्फ मालती (22) के रूप में हुई है। ये सभी छत्तीसगढ़ के निवासी हैं।

पुलिस ने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले कैडर माओवाद से संबंधित कई हिंसक घटनाओं में शामिल थे और प्रतिबंधित समूह के लिए प्रशिक्षण गतिविधियों में लगे हुए थे। कंधमाल में चार माओवादियों ने एक एसएलआर राइफल, दो .303 राइफल, एक 12-बोर बंदूक के साथ गोला-बारूद, दो बाओफेंग वायरलेस सेट और अन्य सामान सौंपे।

पिछले दो दिनों के दौरान, कोरापुट और मलकानगिरी जिलों में दो अतिरिक्त समिति सदस्य (एसीएम) रैंक के माओवादियों ने भी आत्मसमर्पण किया है।

अधिकारियों ने इस घटनाक्रम को भाकपा (माओवादी) के लिए एक बड़ा झटका बताया और कहा कि इससे संगठन के नेतृत्व, मनोबल और परिचालन शक्ति में काफी कमी आई है।

 

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