
हरारे। अंडर-19 वनडे विश्व कप के फाइनल मुकाबले में भारत और इंग्लैंड के बीच खेले गए रोमांचक मैच में भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए विशाल स्कोर खड़ा कर दिया। कप्तान आयुष म्हात्रे ने टॉस जीतकर बल्लेबाजी का फैसला किया। हालांकि भारत को चौथे ओवर में एरॉन जॉर्ज (9 रन) के रूप में शुरुआती झटका लगा, जिससे कुछ समय के लिए टीम दबाव में दिखी, लेकिन इसके बाद मैच का रुख पूरी तरह बदल गया।
महज 14 वर्ष के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने कप्तान आयुष म्हात्रे के साथ मिलकर इंग्लैंड के गेंदबाजों पर जोरदार हमला बोला और मैदान पर चौकों-छक्कों की झड़ी लगा दी। वैभव ने सिर्फ 55 गेंदों में शतक पूरा कर इतिहास रच दिया। उन्होंने अपनी विस्फोटक पारी में 80 गेंदों पर 175 रन बनाए, जिसमें 15 चौके और 15 छक्के शामिल रहे। अंततः उन्हें लम्सडेन की गेंद पर रियू ने कैच कर पवेलियन भेजा।
वैभव सूर्यवंशी ने इस दौरान कई रिकॉर्ड अपने नाम किए। उन्होंने टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा छक्के लगाने का रिकॉर्ड तोड़ते हुए चार साल पुराना रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिया। 15वें ओवर में स्पिनर फरहान अहमद की शुरुआती दो गेंदों पर लगातार दो छक्के जड़कर उन्होंने मैच में अपने पांच छक्के पूरे किए और टूर्नामेंट में छक्कों का आंकड़ा 20 तक पहुंचा दिया। इसके बाद 17वें ओवर में भी फरहान की लगातार चार गेंदों पर तीन छक्के और एक चौका लगाकर दर्शकों को रोमांचित कर दिया।
वैभव की इस ऐतिहासिक पारी की बदौलत भारत ने फाइनल में 400 से अधिक का विशाल स्कोर (411/9) खड़ा किया और इंग्लैंड के सामने जीत के लिए पहाड़ जैसा लक्ष्य रख दिया। उनकी बल्लेबाजी ने न सिर्फ मैच का रुख बदला, बल्कि अंडर-19 विश्व कप फाइनल के इतिहास में एक नई मिसाल भी कायम कर दी।
