
बालाघाट। सरेखा रेलवे क्रासिंग जिले का पहला रेल ओव्हर ब्रिज बनकर तैयार हो गया है और इससे आवागमन व्यवस्थित तरीके से प्रारंभ हो गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 24 सितम्बर को कटंगी में आयोजित कार्यक्रम में विधिवत इस ब्रिज का लोकार्पण किया है। यह रेलवे ओव्हरब्रिज 70 करोड़ 85 लाख रुपए की लागत से बनाया गया है। बालाघाट से गोंदिया की ओर जाने वाले यात्रियों एवं आमजनों को रेलवे ओव्हरब्रिज नही होने पर परेशानियों का सामना करना पड़ता था। यात्री गाडि़यों एवं मालगाडि़यों के गुजरने पर रेलवे फाटक बंद कर दिया जाता था। फाटक बंद होने पर रेलवे क्रासिंग के दोनो ओर वाहनों की लंबी कतार लग जाती थी और लोगो को फाटक खुलने का इंतजार करना पड़ता था। इंतजार लंबा होने पर लोगो को भारी मानसिक पीड़ा से गुजरना पड़ता था। फाटक बंद होने एवं खुलने के इंतजार में लोगो का समय व्यर्थ में नष्ट होता था। लेकिन अब इस रेलवे क्रासिंग पर ओव्हर ब्रिज बन जाने से यात्रियों एवं आमजन को इन समस्याओं से मुक्ति मिल गई है। अब उन्हें गोंदिया जाने के लिए रेलवे क्रासिंग पर फाटक बंद होने का डर नही रहता है और न ही फाटक खुलने का इंतजार करना पड़ता है।
994 मीटर लंबाई एवं 12 मीटर चौड़ाई के इस रेल ओव्हर ब्रिज का निर्माण अंग्रेजी के वाय अक्षर के आकार में किया गया है। इस ब्रिज के निर्माण के लिए 05 सितम्बर 2022 को भूमि पूजन किया गया था। वर्तमान में इस ब्रिज के नीचे इस ब्रिज के बनने से बालाघाट से गोंदिया एवं बैहर की ओर जाने के लिए आवागमन अत्यधिक सुगम हो गया है। अब इस ब्रिज से दो पहियॉ एवं चार पहियॉ वाहन एवं यात्री बसे बिना किसी व्यवधान के सुगमता से आवागमन कर रही है।
