नोएडा | उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने गौतमबुद्ध नगर में श्रमिकों द्वारा किए जा रहे तीव्र विरोध प्रदर्शनों को देखते हुए एक बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने औद्योगिक क्षेत्र के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले श्रमिकों की न्यूनतम मजदूरी में करीब 21 प्रतिशत तक की अंतरिम बढ़ोतरी का ऐलान किया है। यह नया आदेश 1 अप्रैल से प्रभावी माना जाएगा, जिससे नोएडा और गाजियाबाद जैसे औद्योगिक केंद्रों में काम करने वाले कुशल और अकुशल मजदूरों की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। सरकार का यह निर्णय क्षेत्र में जारी तनाव को कम करने और श्रमिकों के हितों की रक्षा करने की दिशा में एक बड़ा प्रयास माना जा रहा है।
सरकार द्वारा जारी नई दरों के तहत अब अकुशल श्रमिकों का मासिक वेतन ₹11,313.65 और दैनिक मजदूरी ₹435.14 निर्धारित की गई है। इसी तरह, अर्धकुशल श्रमिकों को अब ₹12,446 प्रति माह और कुशल श्रमिकों को ₹13,940.37 मासिक वेतन मिलेगा। विशेष बात यह है कि इन दरों में मूल वेतन के साथ-साथ महंगाई भत्ते को भी शामिल किया गया है, ताकि बढ़ती महंगाई के बीच मजदूरों को राहत मिल सके। इस फैसले से अकेले नोएडा क्षेत्र के लाखों पंजीकृत और गैर-पंजीकृत कामगारों को वित्तीय सुरक्षा मिलेगी और उनके जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव आएगा।
पिछले कुछ दिनों से वेतन वृद्धि और बेहतर कार्य स्थितियों को लेकर नोएडा के विभिन्न क्षेत्रों में हिंसक प्रदर्शन देखे गए थे, जिससे औद्योगिक उत्पादन पर भी असर पड़ रहा था। योगी सरकार के इस हस्तक्षेप के बाद अब औद्योगिक क्षेत्रों में शांति बहाल होने की उम्मीद जताई जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि मजदूरी में यह बढ़ोतरी उद्योगों और श्रमिकों के बीच समन्वय बिठाने का काम करेगी। साथ ही, श्रम विभाग को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि सभी कंपनियां और ठेकेदार नई दरों के अनुसार ही भुगतान करें, ताकि किसी भी श्रमिक का शोषण न हो सके।

