हरारे (जिम्बाब्वे) | जिम्बाब्वे के हरारे स्पोर्ट्स क्लब में खेले गए अंडर-19 वर्ल्ड कप के दूसरे सेमीफाइनल में भारतीय टीम ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी चुनी। अफगानिस्तान ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए फैसल शिनोजादा (110 रन) और उजैरुल्लाह नियाजी (नाबाद 101 रन) के बेहतरीन शतकों की बदौलत भारत के सामने एक विशाल चुनौती पेश की। दोनों के बीच हुई 148 रनों की साझेदारी ने अफगानिस्तान को मजबूत स्थिति में पहुँचा दिया था। भारत की ओर से दीपेश देवेंद्रन और कनिष्क चौहान ने 2-2 विकेट लिए, लेकिन अफगानी बल्लेबाजों ने स्कोरबोर्ड पर बड़ा लक्ष्य टांगने में सफलता हासिल की।
लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम ने आक्रामक शुरुआत की। सलामी बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने महज 33 गेंदों में 68 रनों की तूफानी पारी खेलकर अफगानिस्तान के गेंदबाजों के हौसले पस्त कर दिए। वैभव के आउट होने के बाद आरोन जॉर्ज ने मोर्चा संभाला और मैदान के चारों ओर शॉट्स लगाए। जॉर्ज ने 104 गेंदों में 115 रनों की शानदार शतकीय पारी खेली, जिसमें 15 चौके और 2 छक्के शामिल थे। कप्तान आयुष म्हात्रे के 62 रनों के योगदान ने भारत की जीत की राह बेहद आसान कर दी।
भारतीय टीम ने अफगानिस्तान को 7 विकेट से रौंदकर न केवल फाइनल का टिकट कटाया, बल्कि सेमीफाइनल में सबसे बड़ा टारगेट चेज करने का वर्ल्ड रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया। विहान मल्होत्रा के नाबाद 38 रनों की मदद से भारत ने यह मुकाबला जीतकर 10वीं बार फाइनल में जगह बनाई है। अब खिताबी मुकाबले में भारत का सामना इंग्लैंड से होगा, जहाँ टीम इंडिया की नजरें छठी बार विश्व विजेता बनने पर टिकी हैं। भारतीय युवाओं के इस प्रदर्शन ने क्रिकेट प्रेमियों को फिर से वर्ल्ड कप आने की उम्मीद जगा दी है।

