कलेक्ट्रेट का गनमैन बता हड़पे 8.85 लाख

जबलपुर। हर्षित नगर साहेब परिसर यादव कॉलोनी स्थित एक संपत्ति का नामांतरण, सीमांकन और फैंसिंग कराने का आश्वासन देकर एक बुजुर्ग से 8,85,000 रूपए हड़प लिए गए। मुख्य आरोपी ने स्वयं को कलेक्ट्रेट का गनमैन बताते हुए अपने दो साथियों के साथ मिलकर पीडि़त का नााम राजस्व रिकॉर्ड मेंदर्ज कराने के एवज में पटवारी-तहसीलदार, एसडीएम के नाम पर रकम ली है। मामले में लार्डगंज पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है।

पुलिस के मुताबिक तपन पाल पिता स्व.श्यामा चरण पाल 53 वर्ष निवासी गुलजार होटल के पीछे ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि उसके पिता स्व. श्यामाचरण पाल ने एक प्रापर्टी सन् 2002 में मोहन सिंह बनाफर से क्रय किया था। संपत्ति हर्षित नगर साहेब परिसर यादव कॉलोनी स्थित कुल रकवा 0.419 हेक्टेयर है। पिता का निधन 28 दिसम्बर 2018 को हो गया था। मृत्यु पूर्व पिता द्वारा उसके नाम से वसीयतनामा बनाकर दिया गया था। पिता के द्वारा वसीयत उसके नाम से किये जाने के कारण उसके भाईयो ने आपत्ति ली थी तो उसने कहा कि पिता ने स्वयंं उसके नाम किया है । पिता के द्वारा वसीयत में मिली संपत्ति पर नाम दर्ज कराने चाहता था इसीलिये कलेक्ट्रेट गया था लेकिन काम नहीं हो रहा था। इसी दौरान कलेक्टर कार्यालय परिसर के बाहर चाय की दुकान पर अतुल गुप्ता नाम का व्यक्ति मिला जिसने स्वयं को पुलिस कर्मी बताया। उससे सामान्य चर्चा हुई तो उसी दौरान अतुल गुप्ता ने उसकी परेशानी जान लिया और अतुल गुप्ता ने संपत्ति से संबंधित सारे कागज देखे फिर मोबाईल करके एक व्यक्ति को बुलाया इस व्यक्ति का परिचय अमित तिवारी नाम से दिया। अमित तिवारी के साथ एक अन्य व्यक्ति और आया उसका नाम संजय पटेल बताया गया था।

कलेक्ट्रेट के बाद सौदा, सिविक सेंटर में सौंपे दस्तावेज-

कलेक्ट्रेट के बाहर तीनों ने तपन से कहा कि हम आपकी संपत्ति के राजस्व रिकॉर्ड में आपका नाम दर्ज करवा देंगें, संपत्ति के राजस्व रिकार्ड का नामांतरण, सीमांकन, फैसिंग यह सब काम कराने का आश्वासन दिये पूरी बात 9 लाख रूपये में तय हो गई थी। बातचीत दौरान अतुल गुप्ता ने खुद को कलेक्टर का गनमैन बताया था। इसके बाद अतुल गुप्ता और संजय पटेल सिविक सेंटर के पास अंजुमन इस्लामिया के सामने मिलने आये। अतुल गुप्ता के कहने पर दस्तावेज अमित तिवारी और संजय पटेल को दे दिया था।

पीडि़त के मुताबिक दस्तावेज लेने के बाद अमित तिवारी ने उसे हाट बाजार में बुलाया जहां नामांकन आवेदन टाईप कराया बोला कि केस लगाना है। अतुल गुप्ता कई बार खाकी वर्दी पहनकर मिला था इसकी वर्दी देखकर विश्वास किया था। अतुल गुप्ता शुरू में कहता था कि मैं सरकारी नौकरी में हूँ अपने खाते में बड़ी रकम नहीं ले सकता इसलिए यह राशि अपने दोस्त अमित तिवारी एवं संजय पटेल के खाता में डलवाया था अतुल गुप्ता यह भी बताता था कि यह अमित तिवारी कलेक्ट्रेट का सारा काम देखता है और संजय पटेल पटवारी एसडीएम और तहसीलदार कार्यालय का काम देखते है। रकम लेने के बाद आश्वासन देते रहे लेकिन काम नहीं हुआ जब पैसे वापिस मांगे तो उसे धमकी दी।

कलेक्टर साहब से बात हो गई है काम हो जायेगा

तपन ने पुलिस को बताया कि अमित तिवारी व संजय पटेल ने उससे कहा था कि लेक्टर साहब से बात हो गई है आपका काम हो जायेगा। हम लोगों को आप कुछ पैसा एडवांस दे दो, विश्वास करके गूगल पे के माध्यम से अमित तिवारी के खाते में 19,000 रूपए डाल दिए थे। इसके बाद तीनों के खाते में 8,66,000 रूपए डाले थे। तीनों ने काम कराने के एवज में पटवारी, तहसीलदार और एस. डी.एम. के नाम से यह राशि ले लिया। इस प्रकार तीनों ने धोखाधड़ी कर आठ लाख पिच्चासी हजार रूपये की राशि प्राप्त कर लिये।

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