
भोपाल: मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने आज संयुक्त पत्रकार वार्ता में कहा कि केंद्रीय बजट 2026-27 मध्यप्रदेश के लिए केवल वित्तीय दस्तावेज नहीं, बल्कि आर्थिक, औद्योगिक और सामाजिक रूपांतरण का ऐतिहासिक अवसर है। उन्होंने बताया कि बजट में Ease of Doing Business को केंद्र में रखते हुए उद्योग, MSME, सेवा क्षेत्र, महिला सशक्तिकरण, मानव-पूंजी निर्माण और हरित अर्थव्यवस्था पर विशेष जोर दिया गया है, जिससे राज्य में निवेश, रोजगार और उद्यमिता को नई गति मिलेगी। बजट के माध्यम से MSME सेक्टर को तीन-स्तरीय वित्तीय रणनीति, बायो-फार्मा शक्ति, सेमीकंडक्टर मिशन 2.0, आईटी-टूरिज्म-हेल्थ जैसे सेवा क्षेत्रों के विस्तार और 200 लेगेसी इंडस्ट्रियल क्लस्टर्स के पुनर्जीवन से औद्योगिक विकास को मजबूती मिलने की बात कही गई।
महिला सशक्तिकरण के तहत प्रत्येक जिले में महिला छात्रावास, केयरगिवर्स प्रशिक्षण, लखपति दीदी योजना और स्वयं सहायता समूह आधारित उद्यमों को बढ़ावा देने का प्रावधान प्रमुख बताया गया। अवसंरचना निवेश, सिटी इकोनॉमिक रीजन, गैस पाइपलाइन, सिंचाई परियोजनाओं और जल जीवन मिशन जैसी पहलों से कनेक्टिविटी व लॉजिस्टिक्स मजबूत होने का दावा किया गया। साथ ही जनधन, उज्ज्वला, आयुष्मान, किसान सम्मान निधि और आवास योजनाओं के आंकड़े प्रस्तुत करते हुए इसे गरीब, युवा, किसान और नारी शक्ति के समग्र उत्थान का बजट बताया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बजट मध्यप्रदेश को निवेश-अनुकूल, रोजगार-उन्मुख और सतत विकासशील अर्थव्यवस्था के रूप में स्थापित करने की मजबूत आधारशिला रखेगा।
