सतना : शहर के एक तिहाई वार्ड के रहवासियों द्वारा दूषित और दुर्गंधयुक्त पेयजल की सप्लाई की शिकायत पिछले कई दिनों से की जा रही थी. इस मामले में जिला कलेक्टर और महापौर का रुख भी काफी सख्त नजर नजर आने लगा. जिसके चलते ननि की पेयजल शाखा के अमले को पानी की टंकी की सफाई सहित पाइप लाइन के लीकेज जैसी व्यवस्था में सुधार को लेकर जमीन पर उतरना पड़ा. आलम यह रहा कि फिल्टर प्लांट के सीएलएफ की सफाई के दौरान तलहटी में 5 फीट तक जम चुकी गाद को हटाया गया.
दूषित पेयजल की सप्लाई की शिकायत पिछले कई दिनों से शहर के लगभग एक तिहाई वार्ड से अधिक रहवासियों द्वारा पिछले कई दिनों से की जा रही थी. इस संबंध में सेशल मीडिया का सहारा लेने के साथ ही ननि की पेयजल शाखा के समक्ष शिकायत भी की गई. लेकिन मामले में तनमाफिक सुधार होता न देख रहवासियों का आक्रोश बढ़ता नजर आने लगा. यहां तक कि इस विषय को लेकर नगर निगम का घेराव और विरोध प्रदर्शन किए जाने के लिए कुछ लोग लामबंद होने लगे.
मामले की गंभीरता को देखते हुए ननि की पेयजल शाखा प्रभारी रोज प्रताप सिंह द्वारा फिल्टर प्लांट की व्यवस्था का निरीक्षण किया गया. इसी कड़ी में महापौर योगेश ताम्रकार द्वारा भी फिल्टर प्लांट का निरीक्षण करते हुए आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए. इतना ही नहीं बल्कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस ने भी जिला कलेक्टोरेट में आयोजित बैठक में ननि की पेयजल शाखा की कार्यप्रणाली पर तीखी टिप्पणी करते हुए सुधार के सख्त निर्देश दिए.
लिहाजा चौतरफा हो रही किरकिरी को देखते हुए पेयजल शाखा के अमले को जमीन पर उतरकर व्यवस्था में सुधार करने के अलावा कोई चारा नहीं बचा. इसी कड़ी में सोमवार को वाटर ट्रीटमेंट प्लांट की सीएलएफ की सफाई की गई. जब उक्त टंकी को खाली किया गया तो उसकी तलहटी में लगभग 5 फीट ऊंची गाद भरी नजर आई. लिहाजा प्रेशर पाइप के जरिए गाद को हटाने का कार्य शुरु हुआ. घंटों चली कड़ी मशक्कत के बाद टंकी की सफाई पूरी हो सकी. फिल्टर प्लांट सीएलएफ की सफाई के शेड्यूल के चलते सोमवार को वहां से जलापूर्ति भी नहीं की गई. गौरतलब है कि निर्धारित शेड्यूल के अनुसार हर 6 महीने में फिल्टर प्लांट सीएलएफ की सफाई की जाती है.
पाइप लाइन के लीकेज पर नजर
ननि की पेयजल शाखा के प्रभारी रोज सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि फिल्टर प्लांट में सीएलएफ की सफाई का कार्य पूरा कर लिया गया है. इसके साथ ही शहर के अलग अलग क्षेत्र में मौजूद पानी की टंकियों की सफाई व्यवस्था भी पूरी कर ली गई है. इसी कड़ी में पाइप लाइन के लीकेज की निगरानी करते हुए उन्हें दुरुस्त किया जा रहा है. पाइन लाइनों की सफाई फ्लशिंग सहित आवश्यक तकनीकी सुधार भी किए गए हैं. जिससे कि आगे चलकर पेयजल संबंधी समस्या सामने न आए. इसके साथ ही नगरवासियों से भी इस बात की अपील की जा रही है कि जलापूर्ति संबंधी किसी भी तरह की समस्या सामने आने पर ननि की जलप्रदाय शाखा या हेल्पलाइन पर सूचना दें. जिससे कि समय रहते समस्या का समाधान किया जा सके.
