वॉशिंगटन। भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौते को लेकर चल रही चर्चाओं के अंतिम दौर के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच सोमवार को फोन पर बातचीत हुई। इस संवाद को दोनों देशों के आर्थिक संबंधों के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने सोशल मीडिया के जरिए बातचीत की पुष्टि की, हालांकि चर्चा के विषयों का खुलासा नहीं किया गया। आधिकारिक विवरण सामने न आने के बावजूद कूटनीतिक और कारोबारी हलकों में इसे संभावित ट्रेड डील की दिशा में सकारात्मक संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार भारत-अमेरिका के बीच प्रस्तावित समझौते में बाजार पहुंच बढ़ाने, आयात शुल्क में संतुलन, निवेश सहयोग और आपूर्ति श्रृंखलाओं को मजबूत बनाने जैसे मुद्दे प्रमुख हैं। दोनों देश तकनीक, विनिर्माण और ऊर्जा क्षेत्र में भी साझेदारी को नए स्तर पर ले जाने की कोशिश में हैं।
इसी क्रम में विदेश मंत्री एस. जयशंकर की अमेरिका यात्रा को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जहां वे वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारियों से मुलाकात कर आर्थिक और रणनीतिक सहयोग के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा करेंगे। माना जा रहा है कि इन बैठकों में व्यापार समझौते की प्रगति, स्वच्छ ऊर्जा निवेश और महत्वपूर्ण खनिजों की आपूर्ति जैसे मुद्दे प्राथमिकता में रहेंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप-मोदी वार्ता ऐसे समय पर हुई है जब दोनों देशों के बीच व्यापारिक समझौते को अंतिम रूप देने की संभावनाएं तेज हो रही हैं। यह संवाद न केवल द्विपक्षीय व्यापार को नई दिशा दे सकता है, बल्कि वैश्विक सप्लाई चेन और तकनीकी सहयोग में भी भारत-अमेरिका की साझेदारी को मजबूत कर सकता है।
