नयी दिल्ली, 02 फरवरी (वार्ता) दिल्ली प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने केन्द्रीय बजट में प्रदूषण नियंत्रण के लिये आवंटित राशि में 209 करोड़ रुपये की कटौती को लेकर केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि यह कटौती सरकार की प्रदूषण नियंत्रण को लेकर असंवेदनशीलता और प्राथमिकताओं की कमी को उजागर करती है।
श्री यादव ने सोमवार को बयान जारी कर कहा कि पिछले वर्ष देश भर में प्रदूषण नियंत्रण के लिए 1300 करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे, जिसे इस वर्ष घटाकर 1091 करोड़ कर दिया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि राजधानी दिल्ली, जो दुनिया के सबसे प्रदूषित शहरों में शामिल है, उसके लिए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) को मात्र 35.26 करोड़ रुपये देना नाकाफी है।
उन्होंने कहा कि पहले से प्रदूषण नियंत्रण में विफल रेखा गुप्ता सरकार के बाद अब केन्द्र सरकार भी दिल्लीवासियों को जहरीली हवा से राहत देने के प्रति गंभीर नहीं है। उन्होंने बताया कि भारी बारिश और तेज हवाओं के बावजूद जनवरी महीने में दिल्ली में एक भी दिन 100 एक्यूआई से नीचे नहीं रहा, जो हालात की भयावहता को दर्शाता है। उन्होंने मुख्यमंत्री पर आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी चुप्पी जनता के साथ विश्वासघात है क्योंकि विधानसभा चुनाव में भाजपा ने प्रदूषण को जड़ से खत्म करने का वादा किया था।
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि वायु प्रदूषण के कारण हर साल लाखों लोगों की मौत होती है और अब बजट में कटौती से सार्वजनिक स्वास्थ्य संकट और गहराएगा। उन्होंने राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम के तहत 82 प्रदूषित शहरों में चल रहे प्रयासों पर भी इसके नकारात्मक प्रभाव की आशंका जतायी है।
