ढाका | बांग्लादेश में पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की पार्टी अवामी लीग के नेताओं के खिलाफ हिंसा और दमन का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। चटगांव में अवामी लीग के वरिष्ठ नेता अब्दुर रहमान मिया (70) की जेल में न्यायिक हिरासत के दौरान मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि फेफड़ों के कैंसर से जूझ रहे मिया को 17 नवंबर 2025 को उस समय गिरफ्तार किया गया था, जब वे नमाज पढ़ने घर से निकल रहे थे। गंभीर बीमारी के बावजूद उन्हें न तो जमानत दी गई और न ही अस्पताल में इलाज की सुविधा मिली। परिवार ने इसे ‘प्रशासनिक हत्या’ करार देते हुए अंतरिम सरकार पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं।
हिंसा की दूसरी खौफनाक वारदात नरसिंदी जिले से सामने आई है, जहाँ छात्र लीग के पूर्व नेता अजीमुल कादेर भुइयां का शव तीन दिन बाद एक खाई से बरामद हुआ। अजीमुल पिछले तीन दिनों से लापता थे और उनके शरीर पर चोट के गहरे निशान पाए गए हैं। अवामी लीग ने दावा किया है कि इस हत्या के पीछे जमात-ए-इस्लामी के कार्यकर्ताओं का हाथ है, जो चुन-चुनकर विपक्षी नेताओं को निशाना बना रहे हैं। अजीमुल पेशे से एक छोटे व्यवसायी थे और उनकी हत्या के बाद से स्थानीय समर्थकों में भारी आक्रोश है। पुलिस ने मामले की जांच तो शुरू की है, लेकिन अब तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।
इन दोनों घटनाओं के बाद मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार पर राजनीतिक बदले की भावना से काम करने के आरोप तेज हो गए हैं। अवामी लीग ने अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों से इस मामले में हस्तक्षेप की मांग की है। पार्टी का कहना है कि सरकार बदलने के बाद से ही उनके कार्यकर्ताओं को झूठे मुकदमों में फंसाकर जेलों में प्रताड़ित किया जा रहा है या उनकी हत्या करवाई जा रही है। मानवाधिकार संगठनों ने भी हिरासत में हो रही मौतों और लक्षित हिंसा पर स्वतंत्र जांच की अपील की है, ताकि बांग्लादेश में कानून के शासन की बहाली हो सके।

