जबलपुर: देश के विभिन्न क्षेत्रों से आए सुप्रसिद्ध कथक नर्तक – नृत्यांगनाओं के साथ ही नगर के ख्यातिलब्ध नृत्य गुरुओं और उनके शिष्यों ने नवरंग कथक कला केंद्र द्वारा शहीद स्मारक प्रेक्षागृह में आयोजित अ.भा. राधाछवि कथक नृत्य महोत्सव में नृत्यों का ऐसा समा बंधा की दर्शक तीन घंटे तक मंत्रमुग्ध अपने स्थान पर बैठे रहे। हर प्रस्तुति के उपरांत देर तक तालियां गूंजती रहीं। खैरागढ़ के नृत्यगुरु डॉ. सम्राट चौधरी एवं सतना की कु. सुकृति सोनी ने मनोहारी एकल नृत्य प्रस्तुत किए। गुवाहाटी की युगस्मिता गोस्वामी एवं कौशिक दत्ता ने युगल नृत्य प्रस्तुत किया। शहर की स्वाति मोदी तिवारी, डॉ. उपासना उपाध्याय, मेघा पांडेय एवं मोती शिवहरे के निर्देशन में सामूहिक नृत्य आकर्षण का केंद्र रहे ।
कार्यक्रम का शुभारंभ स्वामी पगलानंद महाराज, महापौर जगतबहादुर सिंह ‘अन्नू ‘, अजय विश्नोई, रिंकू बिज, सहित अशोक मनोध्या, प्रतुल श्रीवास्तव, विजय जायसवाल, मीना विश्वकर्मा ने दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया । मंगला चरण रोहित दुबे,कामता तिवारी ने किया। अतिथियों का स्वागत मोती शिवहरे,डॉ. प्रकाश दुबे, विनीता, सारंग, डॉ. रजनीश गर्ग, लायन नरेंद्र जैन, आलोक पाठक ने मोतियों की माला, साफा एवं श्रीफल भेंट करके किया।
चित्रकार प्रमोद कुशवाहा ने सभी को स्व निर्मित कलाचित्र भेंट किए। इस दौरान अतिथियों ने नृत्य महोत्सव को नगर का अद्वितीय समारोह बताते हुए सभी कलाकारों की प्रशंसा की । संचालन राजेश पाठक ‘प्रवीण एवं मोती शिवहरे ने तथा आभार विजय जायसवाल ने व्यक्त किया ।समारोह में गुंजन कला सदन एवं पाथेय संस्था की सहभागिता रही। दोनो संस्थाओ ने मोती शिवहरे को सम्मानित किया। इस अवसर पर संस्कार भारती परिवार के सदस्य विशेष रूप से उपस्थित थे।
