सतना :शराब के नशे में धुत्त होकर सडक़ पर बेसुध पड़े मिले हेडमास्टर साहब का वीडियो वाइरल होने पर उन्हें निलंबित कर दिया गया था. घटना के दो महीने बाद उनके निलंबन को बहाल करते हुए उसी विद्यालय में प्रभार लेने के लिए भेज दिया गया. लेकिन अपनी आदत से लाचार हेडमास्टर साहब इस बार भी शराब के नशे में धुत्त होकर विद्यालय पहुंचे और प्रभारी लेने से इंकार करने के साथ ही स्टॉफ के साथ जमकर हुज्जत की.
जिले के उचेहरा विकासखण्ड अंतर्गत परसमनियां पहाड़ी क्षेत्र में स्थित शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय कुरेही में बतौर प्रधानाध्यापक पदस्थ रहे जयपाल दिनकर का एक वीडिया 15 नवंबर को वाइरल हुआ था. जिसमें वे शराब के नशे में धुत्त होकर पडक़ किनारे पड़े नजर आ रहे थे. इस वाइरल वीडियो को संज्ञान में लेते हुए शिक्षा विभाग द्वारा कार्रवाई करते हुए उन्हें निलंबित कर दिया गया था. दो महीने तक निलंबित रहने के बाद जयपाल दिनकर को बहाल करते हुए उसी विद्यालय का प्रभारी लिए जाने के लिए निर्देशित किया गया. इसी कड़ी में शुक्रवार को वे कुरेही स्थित विद्यालय पहुंचे.
लेकिन पूर्व की तरह इस बार भी वे नशे में धुत्त होकर लडख़ड़ाते नजर आए. लेकिन इसके बावजूद भी जब विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक महिपाल सिंह द्वारा जयपाल दिनकर को प्रभार दिए जाने की प्रक्रिया पूरी करने की बात कही तो मामला बिगड़ गया. नशे में धुत्त जयपाल दिनकर ने वहां पर मौजूद शिक्षकों के साथ बहसबाजी करनी शुरु कर दी. टोके जाने पर उन्होंने अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल शुरु करने में भी कोई गुरेज नहीं किया. कार्यालय के अंदर से लेकर चिद्यालय परिसर में मौजूदगी के दौरान जयपाल दिनकर लगातार स्टॉफ के साथ हुज्जत करते रहे. लिहाजा उनके व्यवहार को देखते हुए शिक्षकों ने उनसे दूरी बनाए रखने में ही भलाई समझी.
इंकार कर फाड़ी प्रतियां
मामले में नया मोड़ तब आ गया जब नशे में धुत्त जयपाल दिनकर ने न सिर्फ प्रभार लेने से इंकार कर दिया बल्कि देखते ही देखते आदेश की दोनों प्रतियों को फाड़ कर फेंक दिया. नशे की हालत में जयपाल दिनकर द्वारा आदेश की दोनों प्रतियों को फाड़ दिए जाने की सूचना शिक्षकों द्वारा संकुल प्राचार्य को दे दी गई. लिहाजा अब देखने वाली बात होगी कि शिक्षा विभाग द्वारा जयपाल दिनकर के विरुद्ध क्या कार्रवाई की जाती है. इस तरह का घटनाक्रम सामने आने पर स्थानीय रहवासियों के बीच इस बात को लेकर प्रश्र उठाए जाने लगे कि जिस व्यक्ति पर पहले शराब के नशे में धुत्त पड़े रहने जैसे गंभीर आरोप लग चुके हों, उन्हें दोबारा उसी विद्यालय में प्रधानाध्यापाक बनाकर क्यों भेजा गया
