

इटारसी। सांस्कृतिक संस्था ‘स्पिक मैके’ द्वारा आयोजित छह दिवसीय ओड़िसी नृत्य कार्यशाला का समापन सुप्रसिद्ध नृत्यांगना लावण्या घोष की अंतिम प्रस्तुतियों के साथ हुआ। कोलकाता से आईं ओड़िसी नृत्यांगना लावण्या घोष ने अंतिम दिन शासकीय माध्यमिक विद्यालय साकेत, कन्या हाईस्कूल पुरानी इटारसी और शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल मेहरागांव में बच्चों को शास्त्रीय नृत्य की बारीकियों से रूबरू कराया। उन्होंने भूमि प्रणाम, हस्त मुद्रा और अभिनय के अंतर्गत कृष्णलीला के माध्यम से ओड़िसी नृत्य की प्राथमिक मुद्राओं का जीवंत प्रदर्शन किया और बच्चों को प्रशिक्षित किया।
कार्यशाला के दौरान विभिन्न शैक्षणिक संस्थाओं में विद्यार्थियों ने न केवल उत्साहपूर्वक अभ्यास किया, बल्कि नृत्य की बारीकियां भी सीखीं। इससे पहले संस्था प्राचार्यों ने नृत्यांगना लावण्या घोष और समन्वयक सुनील बाजपेई का स्वागत किया। इस सांस्कृतिक यात्रा के दौरान श्रीमती घोष ने जीनियस प्लानेट स्कूल, केंद्रीय विद्यालय ऑर्डिनेंस फैक्ट्री, आनंद पब्लिक स्कूल मालवीयगंज, ग्रीन मॉन्टेसरी स्कूल खेड़ा और स्प्रिंग डेल्स स्कूल में भी अपनी प्रस्तुतियां दीं।
स्पिक मैके इटारसी के समन्वयक सुनील बाजपेई ने जानकारी दी कि शासकीय माध्यमिक विद्यालय पुरानी इटारसी और हायर सेकेंडरी स्कूल मेहरागांव में अंतिम सत्र के साथ इस छह दिवसीय आयोजन का सफलतापूर्वक समापन हुआ। मेहरागांव प्राचार्य हरीश चोलकर ने लावण्या घोष के प्रशिक्षण कौशल की सराहना करते हुए कहा कि जिस तरह उन्होंने बच्चों को ओड़िसी की बारीकियां समझाईं, वह प्रशंसनीय है। वहीं कन्या हाईस्कूल पुरानी इटारसी की प्राचार्य श्रीमती नीतू चौहान ने विश्वास व्यक्त किया कि इस आयोजन से नई पीढ़ी में शास्त्रीय संगीत और संस्कृति के प्रति गहरा लगाव पैदा होगा।
कार्यक्रम का सफल संचालन और आभार प्रदर्शन भूपेंद्र दुबे द्वारा किया गया। पूरे आयोजन को सफल बनाने में हेमंत शुक्ला, जाफर सिद्दीकी, रितेश शर्मा, नीरज चौहान, नीतू राजपूत और महेश रैकवार सहित विभिन्न विद्यालयों के प्राचार्यों का विशेष सहयोग रहा।
