छतरपुर। शहर का प्रमुख ग्वाल मंगरा तालाब इन दिनों गंभीर प्रदूषण की चपेट में आ गया है। शहर के नालों से निकलने वाला गंदा पानी और प्लास्टिक कचरा सीधे तालाब में छोड़े जाने से तालाब का पानी अत्यधिक दूषित हो गया है। हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि बड़ी संख्या में मछलियों की मौत हो रही है। तालाब की सतह पर मरी हुई मछलियां तैरती नजर आ रही हैं, जबकि जलकुंभी के नीचे भी हजारों मछलियां मृत पड़ी हैं। सड़ती मछलियों से उठ रही तेज दुर्गंध ने पूरे इलाके में दहशत का माहौल बना दिया है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि बदबू के कारण घरों में रहना तक मुश्किल हो गया है। क्षेत्र में मच्छरों का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है, जिससे त्वचा, सांस और पेट संबंधी बीमारियों का खतरा मंडरा रहा है। लोगों को आशंका है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं की गई, तो यह स्थिति गंभीर स्वास्थ्य संकट का रूप ले सकती है।
नागरिकों ने आरोप लगाया है कि नगरपालिका की लापरवाही के चलते यह समस्या पैदा हुई है। उनका कहना है कि लंबे समय से तालाब में नालों का गंदा पानी गिर रहा है, लेकिन इसे रोकने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए। तालाब की नियमित सफाई और जलकुंभी हटाने का काम भी नहीं हो रहा है।
लोगों का यह भी आरोप है कि तालाबों की सफाई के नाम पर हर साल बजट तो जारी होता है, लेकिन ज़मीनी स्तर पर काम नजर नहीं आता। नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि तालाब की तत्काल सफाई कराई जाए, नालों के पानी को मोड़ा जाए और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि शहर के इस प्रमुख जलस्रोत को बचाया जा सके।
