
मथुरा। पंजाब की पूर्व स्वास्थ्य मंत्री और प्रशिक्षित बाल रोग विशेषज्ञ नवजोत कौर सिद्धू ने वृंदावन में आयोजित एक आध्यात्मिक कार्यक्रम में अपने कैंसर उपचार को लेकर चर्चा की। उन्होंने बताया कि आयुर्वेदिक आहार के तहत प्रतिदिन गौमूत्र सेवन उनके लिए लाभकारी रहा और इससे उन्हें स्टेज-4 कैंसर जैसी गंभीर स्थिति से उबरने में मदद मिली।
इससे पहले उनके पति और पूर्व क्रिकेटर-नेता नवजोत सिंह सिद्धू ने भी उनके उपचार क्रम का जिक्र किया था। उनके अनुसार, इस दौरान नीम, हल्दी, नींबू पानी, उपवास, तथा चीनी और कार्बोहाइड्रेट से पूरी तरह परहेज जैसी सख्त दिनचर्या अपनाई गई। दावा किया गया कि पारंपरिक चिकित्सा से अपेक्षित लाभ न मिलने के बाद इस अनुशासित जीवनशैली और आहार से ट्यूमर के आकार में कमी आई।
हालांकि, नवजोत कौर सिद्धू के इन बयानों पर चिकित्सा जगत से कड़ी प्रतिक्रिया भी सामने आई है। देशभर के 260 से अधिक ऑन्कोलॉजिस्ट्स ने इन दावों को जोखिमभरा बताते हुए चेतावनी दी है कि ऐसे बयानों से मरीज प्रमाणित उपचार पद्धतियों जैसे कीमोथेरेपी को छोड़ सकते हैं, जो गंभीर रूप से खतरनाक हो सकता है।
दूसरी ओर, समर्थकों का कहना है कि वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद (CSIR) के कुछ पेटेंट्स में गोमूत्र को जैव-वर्धक (बायो-एन्हांसर) के रूप में उल्लेखित किया गया है, जिससे पारंपरिक उपचारों की उपयोगिता पर बहस को बल मिलता है।
