इंदौर: देश की प्रगति के साथ सभी का सामूहिक विकास भी जरूरी है. इसके लिए आज डिजिटल वित्तीय साक्षरता होना आवश्यक हो गया है. री केवाईसी करना हमारी जिम्मेदारी और कानूनी रूप से अनिवार्य है.यह बात आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कही. देश की सबसे बड़ी वित्तीय संस्था आरबीआई के गवर्नर संजय मल्होत्रा आज रंगवासा ग्राम पंचायत में जन सुरक्षा संतृप्ति अभियान शिविर में भाग लेने आए थे.
आरबीआई द्वारा केंद्र सरकार के निर्देश पर तीन माह तक जन सुरक्षा संतृप्ति अभियान चलाया जा रहा है. यह कार्यक्रम जन धन खाता योजना के 11 वें वर्ष प्रवेश पर किया जा रहा है. उक्त कार्यक्रम के तहत री केवाईसी कराना अनिवार्य है. रंगवासा में आयोजित अभियान शिविर में आरबीआई गवर्नर मल्होत्रा एसबीआई के शिविर में बतौर मुख्य अतिथि शामिल होने आए थे. इस दौरान मल्होत्रा ने विभिन्न वित्तीय योजनाओ चेक और बीमा प्रमाण पत्र भी वितरित किए.
अन्य गणमान्य व्यक्तियों में भारतीय स्टेट बैंक के अध्यक्ष सी. एस. शेट्टी, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के कार्यपालक निदेशक महेंद्र दोहरे, बैंक ऑफ इंडिया के कार्यपालक निदेशक सुब्रत कुमार, आरबीआई भोपाल की क्षेत्रीय निदेशक रेखा चंदनावेली, इंदौर कलेक्टर आशीष सिंह एवं रंगवासा सरपंच ममतेश चौहान तथा बैंकों के वरिष्ठ अधिकारी सम्मिलित हुये. इस शिविर में भारी बारिश के बाबजूद भी लगभग 1000 ग्राहकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया. कार्यक्रम का समापन महेंद्र दोहरे, कार्यपालक निदेशक सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ.
मल्होत्रा ने कहा कि आज सबसे ज्यादा जरूरत डिजिटल वित्तीय साक्षरता की है. इस दौरान यूपीआई, नेट बैंकिंग, डिजिटल बैंकिंग, सहित विभिन्न वित्तीय योजना के लिए री केवाईसी कराना कानूनी रूप से अनिवार्य है, बल्कि हमारी जिम्मेदारी भी है. उन्होंने कहा कि शिविर के माध्यम से विभिन्न वित्तीय प्रणालियों के साथ जैसे प्रधानमंत्री बीमा योजना, जीवन ज्योति बीमा, जनधन खाता योजना, री केवाईसी के साक्षरता के लिए हर पंचायत में शिविर आयोजित किए जा रहे है. मीडिया के माध्यम से कहना चाहता हूं कि शिविर में अपने सभी वित्तीय जानकारियों को अपडेट कर यूपीआइ बैंकिंग जैसे क्षेत्र में साक्षर बने.
इंदौर की उद्यमिता पूरे देश में प्रसिद्ध
इंदौर की प्रशंसा करते हुये श्री मल्होत्रा ने बताया कि इंदौर को ‘मिनी मुंबई’ कहा जाता है, जिसकी उद्यमिता पूरे देश में प्रसिद्ध है. उन्होंने ग्राम पंचायत स्तर पर शिविर आयोजित करने में बैंकों के प्रयासों की सराहना की. बैंक ग्राहकों के घर-घर तक पहुँच रहे हैं. हर 5 किलोमीटर की परिधि में बैंकिंग सुविधा उपलब्ध है. उन्होने ग्राहकों से अपील की कि वे डिजिटल बैंकिंग एवं यूपीआई का अधिक से अधिक उपयोग करें. मोबाइल एवं ओटीपी किसी के साथ साझा न करें. उन्होने बैंकों से आह्वान किया कि री केवायसी का 100 प्रतिशत लक्ष्य प्राप्ति सुनिश्चित करें.
