ब्यावरा: नगर के पुराना ए.बी.रोड पर मौजूद डिवाइडर पर लगाई जालियां कई जगह बुरी तरह टूटफूट चुकी है, इन क्षतिग्रस्त जालियों से दुर्घटना का डर लगा रहता है. कई बार वाहन चालक, राहगीर दुर्घटनाग्रस्त हो चुके है.गौरतलब है कि पुराना ए.बी.रोड स्थित डिवाइडर पर जाली लगाई गई, किंतु अधिकतर जालियां क्षतिग्रस्त हो चुकी है, कई जगह जालियों के टूटफूट कर डिवाइडर से बाहर आने से हर समय वाहनों, राहगीरों के दुर्घटनाग्रस्त होने का अंदेशा बना रहता है. बस स्टेण्ड के सामने, अहिंसा द्वार, मेडतवाल धर्मशाला, इंदौर नाका, मुल्तानपुरा आदि स्थानों पर अधिकतर जाली क्षतिग्रस्त हो चुकी है, अनेक बार डिवाइडर से निकल रही टूटी जालियों की चपेट में आने से दुपहिया वाहन चालक, सायकल सवार चोटिल तक हो चुके है.
सुरक्षा के लिए लगाई जाली खुद असुरक्षित
डिवाइडर के बीच लगने वाले पौधो की सुरक्षा हेतु आसपास जाली लगाई गई थी किंतु यह खुद असुरक्षित होकर टूटफूट रही है. अधिकांश जाली क्षतिग्रस्त होने के कारण पौधे भी सुरक्षित नहीं रह गये है. जालियों में टूटफूट होने से जानवर पौधो को नष्ट कर रहे है. जबकि नपा कॉम्पलेक्स के सामने डिवाइडर पर तो पौधे ही नहीं लग पाए है. यहां लगे पौधो को पूर्व में उखाडक़र उनकी जगह अन्य पौधे लगाने की योजना थी किंतु आज दिनांक तक यहां डिवाइडर पर पौधे नहीं लग सके है.
डिवाइडर बने कचरा घर
पुराना ए.बी.रोड पर अनेक जगह डिवाइडर के मध्य कचरा, मलबा पड़ा हुआ देखा जा सकता है. सौंदर्यीकरण हेतु बनाए गये डिवाइडर आज टूटफूट होने, कचरा पड़ा होने से बदसूरत नजार आते है. देखरेख के अभाव में डिवाइडर की काफी दुर्गति हो रही है. डिवाइडर के मध्य पौधो एवं आसपास लगी जाली को व्यवस्थित कर बराबर देखरेख की जाये तो काफी कुछ डिवाइडर की सुंदरता बनी रह सकती है. इसमें सभी की सहभागिता जरुरी है.
