तेहरान | ईरान और अमेरिका के बीच तनाव चरम पर पहुँच गया है, जिसके चलते तेहरान पर किसी भी समय बड़े सैन्य हमले का खतरा मंडरा रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सख्त चेतावनी के बाद ईरान ने अपनी राजधानी के मेट्रो स्टेशनों और अंडरग्राउंड पार्किंग क्षेत्रों को आपातकालीन ‘वॉर शेल्टर’ (बंकर) में बदलना शुरू कर दिया है। तेहरान के मेयर अलीरेजा जकानी ने पुष्टि की है कि अमेरिकी और इजरायली हवाई हमलों की आशंका को देखते हुए नागरिकों की सुरक्षा के लिए यह कदम उठाया गया है। वहीं, सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामेनेई को सुरक्षा के लिहाज से पहले ही एक गुप्त अंडरग्राउंड बंकर में शिफ्ट कर दिया गया है।
मध्यपूर्व में बढ़ते संकट के बीच रूस ने भी अपने नागरिकों को ईरान से निकालने की तैयारी पूरी कर ली है। रूसी परमाणु ऊर्जा निगम (Rosatom) के प्रमुख एलेक्सी लिखाचेव ने संकेत दिए हैं कि बुशहर परमाणु संयंत्र में तैनात लगभग 400 रूसी विशेषज्ञों और उनके परिवारों को जल्द ही वहां से निकाला जा सकता है। रूस ने इनकी सुरक्षित वापसी के लिए अजरबैजान और आर्मेनिया के रास्तों का वैकल्पिक प्लान तैयार रखा है। विशेषज्ञों का मानना है कि रूस का यह कदम इस बात का संकेत है कि ईरान पर बड़ा हमला अब केवल समय की बात रह गई है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को परमाणु समझौते पर हस्ताक्षर करने के लिए अंतिम अवसर दिया है, अन्यथा उसे “इतिहास के सबसे भयानक हमले” का सामना करने के लिए तैयार रहने को कहा है। इसके जवाब में ईरान ने भी आक्रामक रुख अपनाते हुए अपनी सेना को 1000 नए घातक ड्रोन सौंपे हैं और घोषणा की है कि उनका हाथ ‘ट्रिगर’ पर है। मध्यपूर्व में बढ़ती इस सैन्य हलचल ने वैश्विक स्तर पर चिंता पैदा कर दी है, क्योंकि अमेरिका का नौसैनिक आर्माडा पहले से ही क्षेत्र में तैनात है और दोनों देशों के बीच संवाद पूरी तरह टूट चुका है।

