
सीधी। जिला अस्पताल में सर्पदंश से पीड़ित सुखमंती तिवारी निवासी मुडिका की मौत पर परिजनों ने जमकर हंगामा किया। महिला को सवेरे 9 बजे गंभीर हालत में अस्पताल लाया गया था, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टरों ने देर से इलाज शुरू किया, जिससे मरीज की जान गई। वहीं डॉक्टरों ने बताया कि समय रहते सर्पदंश इंजेक्शन देकर इलाज शुरू किया गया, लेकिन महिला की हालत गंभीर थी।
मृतका के बेटे त्रिपुरारी तिवारी पर डॉक्टरों से मारपीट और गाली-गलौज का आरोप लगा। घटना के बाद डॉक्टर हड़ताल पर चले गए और सिविल सर्जन ने पुलिस को लिखित शिकायत दी। डॉक्टर प्रोटेक्शन एक्ट के तहत कार्रवाई की मांग की गई। पुलिस ने दोनों पक्षों को समझाइश दी और शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंपा। मामले की जांच जारी है।
इनका कहना है
जिला अस्पताल में सर्पदंश का गंभीर हालत में मरीज लाया गया था। डॉक्टरों द्वारा स्नेक बाइट इंजेक्शन लगाया गया और आक्सीजन दिया जा रहा है। उसी दौरान मरीज की मौत हो गई। मृतका के परिजनों द्वारा डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुये आक्रमण शुरू कर दिया गया, जिसके चलते डॉक्टरों ने काम बंद कर दिया।
डॉ.एस.बी.खरे, सिविल सर्जन जिला अस्पताल सीधी
जिला अस्पताल में महिला मरीज की मौत के बाद डॉक्टरों से विवाद की लिखित सूचना अस्पताल से आई है। पोस्टमार्टम के पश्चात मृतका के शव को अंतिम संस्कार के लिये परिजन ले गये हैं।
कन्हैया सिंह, नगर निरीक्षक कोतवाली थाना सीधी
