नगर निगम के पूर्व अधिकारी पर मनी लॉन्ड्रिंग का शिकंजा

इंदौर. नगर निगम इंदौर में विभिन्न पदों पर पदस्थ रहे पूर्व अधिकारी के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में बड़ी कार्रवाई की है. ईडी इंदौर सब-जोनल कार्यालय ने आरोपी राजेश कोठारी के खिलाफ धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत विशेष न्यायालय में अभियोजन शिकायत दायर की है. विशेष अदालत ने मामले में आरोपी को नोटिस जारी कर दिए हैं.

ईडी की अधिकृत जानकारी के अनुसार यह जांच लोकायुक्त पुलिस, उज्जैन द्वारा दर्ज एफआईआर और बाद में पेश की गई चार्जशीट के आधार पर शुरू की थी. जांच में सामने आया कि आरोपी ने नगर निगम इंदौर में सहायक स्वास्थ्य अधिकारी, स्वास्थ्य अधिकारी और रिमूवल ऑफिसर के पद पर रहते हुए भ्रष्ट तरीकों से स्वयं एवं अपने परिजनों के नाम पर चल व अचल संपत्तियां अर्जित कीं. चार्जशीट के अनुसार आरोपी ने अपनी सेवा अवधि के दौरान करीब 2 करोड़ 51 लाख 86 हजार रुपए की आय से अधिक संपत्ति एकत्र की. ईडी की जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी के पास इन संपत्तियों के लिए कोई वैध और अनुपातिक आय का स्रोत नहीं था. पूछताछ के दौरान आरोपी संपत्ति खरीद में उपयोग धन के स्रोत को लेकर संतोषजनक जवाब भी नहीं दे सका. ईडी की जांच में यह तथ्य उजागर हुआ कि आरोपी और उसके परिजनों ने अपराध से अर्जित धन को जानबूझकर छुपाया, उपयोग किया और उसे वैध संपत्ति के रूप में दिखाने का प्रयास किया. इस मामले में करीब 1 करोड़ 30 लाख 91 हजार रुपए मूल्य की दो अचल संपत्तियों को अपराध से अर्जित धन से खरीदा जाना पाया, जिन्हें ईडी ने अस्थायी रूप से कुर्क किया है. ईडी के अनुसार मामले में आगे की जांच जारी है और अन्य संपत्तियों व लेन-देन की भी पड़ताल की जा रही है.

Next Post

लापरवाही करने वाले डाक्टरों पर गिरी गाज, सात डाक्टरों और दो नर्सिंग आफिसरों पर की गईं कार्यवाही 

Thu Jan 29 , 2026
छिंदवाड़ा। मेडिकल संबद्ध जिला अस्पता में 15 दिनों पूर्व आईसीयू में डाक्टरों की लापरवाही से दो मरीजों की मौत के मामले में चार डाक्टरों पर कार्रवाई की गई है। इस मामले में कलेक्टर ने आदेश जारी कर दिए है। कार्रवाई के तहत दो डाक्टरों की 15-15दिन का वेतन काटने के […]

You May Like