
रतलाम। पुलिस ने अंर्तराज्यीय शातिर चोर गिरफ्त के सदस्यों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की हैं। आरोपियों ने गिरफ्तारी से बचने अपनी पहचान छिपाने के लिए विग गलाई और पकड़े बदलकर चोरी की वारदात को अंजाम दिया। लेकिन पुलिस ने 10 घंटों में ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस को गिरफ्तारी के लिए 300 किमी तक पीछा भी करना पड़ा।
नामली थाना क्षेत्र में दिनदहाड़े हुई एक बड़ी नकबजनी की घटना का पुलिस ने महज 10 घंटे के भीतर सनसनीखेज खुलासा किया है। पुलिस ने करीब 300 किलोमीटर तक फिल्मी अंदाज में पीछा करने के बाद मेरठ (उत्तर प्रदेश) के दो कुख्यात बदमाशों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों के पास से चोरी के गहने, वारदात में उपयोग कार और औजार बरामद किए गए हैं। पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने प्रेस वार्ता में बताया कि 27 जनवरी को नामली निवासी फरियादी सुरेश धाकड़ ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि जब वे सुबह अपने खेत गए थे, तब अज्ञात बदमाशों ने उनके सूने घर का ताला तोडक़र गोदरेज की अलमारी से सोने-चांदी के जेवरात चोरी कर लिए। पुलिस ने तत्काल धारा 303(2), 331(3) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
एसपी अमित कुमार के निर्देशन में गठित विशेष टीम ने जब सीसीटीवी फुटेज खंगाले, तो एक संदिग्ध कार दिखाई दी। पुलिस ने पीछा शुरू किया तो आरोपी चकमा देने के लिए बडऩगर, उज्जैन और आसपास के रास्तों पर बार-बार रूट बदलते रहे।
लगभग 300 किमी के लंबे पीछा करने के बाद, पुलिस ने 8-लाइन रोड पर बारा पत्थर के पास घेराबंदी कर कार डीएल 8 सी 7936) को रोका और दो आरोपियों को दबोच लिया। पूछताछ में सामने आया कि आरोपी बेहद शातिर हैं। गिरोह का मुख्य सदस्य इरफान सिर से मुंडा (गंजा) है, इसलिए वह वारदात के समय विग (नकली बाल) लगाता था ताकि पुलिस उसे पहचान न सके। आरोपी वारदात के तुरंत बाद कार में ही कपड़े और चश्मे बदल लेते थे ताकि हुलिया पूरी तरह बदल जाए।
यह हुआ बरामद : पुलिस ने आरोपियों के पास से कुल 5,22,400 का मशरूका बरामद किया है। इसमें सोने का मंगलसूत्र, अंगूठी और मोती, चांदी की पायजेब और बिछुड़ी, वारदात में उपयोग की गई कार और ताला तोडऩे के उपकरण।
