
जौनपुर। महाराष्ट्र के बरामती में हुए दर्दनाक विमान हादसे ने जौनपुर के एक परिवार से उनकी बेटी छीन ली। इस हादसे में जौनपुर की रहने वाली फ्लाइट अटेंडेंट पिंकी माली की भी मौत हो गई। जैसे ही यह खबर गांव तक पहुंची, पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई।
पिंकी की मां माया माली ने मीडिया से बातचीत में बताया कि उन्हें सुबह से ही बेचैनी हो रही थी। उन्होंने कहा, पिंकी रोज सुबह मुझे फोन कर नाश्ता और दवा की याद दिलाती थी। आज न कॉल आया, न मैसेज। दिल घबरा रहा था, लग रहा था कुछ ठीक नहीं है। मां की यह आशंका कुछ ही घंटों में सच्चाई में बदल गई।
पिता शिव कुमार माली ने बताया कि पिंकी ने हादसे से एक दिन पहले आखिरी बार बात की थी। उसने कहा था कि वह अजित पवार के साथ बरामती जा रही है और वहां से नांदेड़ के लिए रवाना होगी। शिव कुमार माली के अनुसार, पिंकी एक जिम्मेदार और प्रोफेशनल फ्लाइट अटेंडेंट थी, जो अक्सर बड़े नेताओं और अधिकारियों की यात्राओं में तैनात रहती थी।
परिजनों का कहना है कि अब तक हादसे के कारण स्पष्ट नहीं हो पाए हैं। पिता ने भावुक होते हुए कहा, मेरी बेटी अब लौटकर नहीं आएगी।
पिंकी की असमय मौत ने न सिर्फ उसके परिवार को, बल्कि पूरे जौनपुर को गहरे सदमे में डाल दिया है। एक होनहार बेटी, जो अपने माता-पिता का सहारा थी, आज एक हादसे की भेंट चढ़ गई।
