नयी दिल्ली, 27 जनवरी (वार्ता) वाहन निर्माता कंपनियों और डीलरों ने यूरोपीय संघ (ईयू) के साथ भारत की मुक्त व्यापार संधि की घोषणा का स्वागत करते हुए कहा कि इससे ‘मेक इन इंडिया’ को मजूबती मिलेगी।
वाहन निर्माता कंपनियों के संगठन सियाम के अध्यक्ष तथा टाटा मोटर्स के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी शैलेश चंद्रा ने कहा, “भारत के ‘विकसित भारत’ की ओर बढ़ने के साथ यूरोपीय संघ के साथ एफटीए एक अहम भूमिका निभायेगा। ऑटो उद्योग के संदर्भ में भारत-ईयू एफटीए के विस्तृत विवरणों की हम प्रतीक्षा कर रहे हैं। बाजार पहुंच और घरेलू विनिर्माण के बीच संतुलन साधने वाला यह चरणबद्ध दृष्टिकोण, एक ओर वैश्विक भागीदारी बढ़ाने तथा दूसरी ओर निवेश और रोजगार के साथ घरेलू ऑटो उद्योग के विकास के बीच सबके लिए लाभप्रद स्थिति बनायेगा। इससे दोनों क्षेत्रों के उपभोक्ताओं के लिए विकल्प भी बढ़ेंगे।”
ऑडी इंडिया के ब्रांड निदेशक बलबीर सिंह ढिल्लों ने कहा, “हम भारत और यूरोपीय संघ के बीच प्रस्तावित मुक्त व्यापार संधि का स्वागत करते हैं और दुनिया के सबसे बड़े व्यापारिक समूहों में से एक के साथ आर्थिक संबंधों को गहरा करने की इसकी क्षमता को स्वीकार करते हैं। व्यापार के प्रति यह रचनात्मक दृष्टिकोण नवाचार, आपूर्ति-श्रृंखला की दक्षता और प्रौद्योगिकी सहयोग सहित व्यापक ऑटोमोटिव पारितंत्र को समर्थन दे सकता है।”
उन्होंने कहा कि मूल्य निर्धारण और बाजार पर किसी भी प्रभाव का आकलन अंतिम शर्तें उपलब्ध होने और उनका सावधानीपूर्वक अध्ययन होने के बाद ही किया जा सकता है, जिसमें कार्यान्वयन की समय-सीमा भी शामिल है। तब तक कोई निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी।
घरेलू वाहन डीलरों के महासंघ फाडा के अध्यक्ष सी.एस. विघ्नेश्वर ने कहा, “भारत–ईयू एफटीए वाहन उद्योग के लिए एक मील का पत्थर है। यूरोपीय कंपनियों की 95 प्रतिशत से अधिक बिक्री पहले से ही स्थानीय विनिर्माण से होती है; यह एफटीए ‘मेक-इन-इंडिया’ को मजबूत करता है, उपभोक्ताओं के विकल्प बढ़ाता है और भारतीय कंपनियों के लिए पारस्परिक निर्यात अवसर खोलता है।” उन्होंने कहा कि फाडा ने एफटीए के स्वरूप निर्धारण में सार्थक योगदान दिया है।
