
जबलपुर। पाटन के गुरु पिपरिया डबल लॉक केंद्र में किसानों को यूरिया डीएपी मिले ना मिले लेकिन उनके आधार कार्ड खेतों कचरे के ढेर में मिल रहे हैं। यहां पर किसानों से डबल लॉक केंद्र में आधार कार्ड जमा करवाए जाते हैं। ओरिजिनल आधार कार्ड जमा करवाने के बाद उन्हें खाद और यूरिया प्रदान की जाती है लेकिन एक बड़ी लापरवाही यहां पर सामने आई है किसानों के आधार कार्ड खेतों में फेंक दिए गए सैकड़ो की संख्या में आधार कार्ड डबल लॉक केंद्र के बगल में स्थित मक्के के खेत में पड़े मिले हैं। ग्राम छक्का महंगवा के किसान मोहन सिंह ने बताया कि 2 दिन पहले उसने अपना आधार कार्ड यहां पर जमा करवाया था लेकिन उसे अपना आधार कार्ड मक्के के खेत में उस समय पड़ा मिला जब वह घूमने के लिए गया था। मामले की जानकारी पाटन एसडीएम मानवेंद्र सिंह को भी दी गई तो उन्होंने कहा कि वह पता करवाएंगे की आधार कार्ड वहां पर किसने फेंके हैं। डबल लॉक केंद्र के बाउंड्री के बगल में सैकड़ो की संख्या में आधार कार्ड पड़े हुए हैं जो किसानों के हैं। बताया जा रहा है की डबल लॉक केंद्र में यूरिया और खाद के लिए किसानों से ओरिजिनल आधार कार्ड मंगवा जाते हैं लेकिन यहां पर किस तरह से लापरवाही की जा रही है वह सामने हैं। वहीं डबल लॉक केंद्र के प्रभारी रामदास चौकसे जब बात करने की कोशिश की गई तो उनका कहना है कि वह इस बारे में कुछ नहीं बता सकते उनके डीएमओ से बात करो। जिस तरह से खेत में आधार कार्ड पड़े मिले हैं उसके बाद भारतीय किसान संघ के रामकृष्ण सोनी का कहना है कि यह एक घोर लापरवाही है इसमें साफ दिखाई दे रहा है कि किस तरह किसानों से डबल लॉक केंद्र के प्रभारी धोखाधड़ी कर रहे हैं। किसानों के आधार कार्ड को कचरा समझ कर फेंक दिया जाता है। उन्हें यूरिया और खाद तो नहीं मिलती उल्टे आधार कार्ड गुम जाने पर उन्हें परेशानी का सामना भी करना पड़ता है उन्होंने इस मामले में अधिकारियों से कार्रवाई की मांग की है। देखने वाली बात है कि इस गंभीर मामले में क्या अधिकारी कोई एक्शन लेंगे या फिर इसी तरह किसानों के आधार कार्ड कचरे के ढेर में फेंक दिए जाएंग उन्हें यूरिया और खाद तो उपलब्ध नहीं कराई जाएगी बल्कि उन्हें एक मुसीबत यहां से मिल जाएगी।
