
भोपाल। बोर्ड परीक्षाओं से पहले स्कूल शिक्षा विभाग ने संलग्न शिक्षकों पर सख्ती शुरू कर दी है। जिला शिक्षा अधिकारी नरेंद्र कुमार अहिरवार ने आदेश जारी किया है कि एक फरवरी से सभी संलग्न शिक्षक अपने मूल स्कूल में जाकर कार्यभार संभालें। ऐसा नहीं करने पर फरवरी महीने का वेतन रोक दिया जाएगा। बता दें राजधानी में करीब 250 शिक्षक लंबे समय से मूल पदस्थापना स्कूल की जगह मनपसंद स्कूलों और कार्यालयों में काम कर रहे थे। इनमें से लगभग 200 शिक्षक अपने घर के पास स्कूलों में अटैच होकर पढ़ा रहे थे। वहीं करीब 50 शिक्षक बीएलओ या अन्य प्रशासनिक काम के नाम पर सरकारी दफ्तरों में पदस्थ थे। हालिया जांच में कई स्कूलों में शिक्षकों की कमी पाई गई, जिससे बोर्ड परीक्षा की तैयारी प्रभावित हो रही है। जिसको लेकर शिक्षा विभाग ने निर्देश दिए हैं जिसके अनुसार सभी शिक्षकों की ई सर्विस बुक 31 जनवरी तक अपडेट की जाएगी और पुराने सभी अटैचमेंट आदेश खत्म माने जाएंगे। वहीं अब से शिक्षकों को मूल स्कूल में उपस्थिति दर्ज करानी होगी। यदि कोई शिक्षक मूल स्कूल के बाहर पाया गया तो वेतन न मिलने की जिम्मेदारी उसी की होगी।
बोर्ड परीक्षाओं में छुट्टी नहीं ले सकेंगे शिक्षक-
जानकारी अनुसार बोर्ड परीक्षाएं 10 फरवरी से शुरू होंगी और करीब 16 लाख छात्र परीक्षा देंगे। इस दौरान 1 फरवरी से 30 अप्रैल तक आवश्यक सेवा अनुरक्षण अधिनियम लागू रहेगा। इस अवधि में शिक्षक छुट्टी नहीं ले सकेंगे और न ही किसी हड़ताल या आंदोलन में शामिल हो सकेंगे।
बीएलओ कार्य में लगे शिक्षकों की सूची कलेक्टर कार्यालय से मंगाई जा रही है। ऐसे शिक्षकों को प्रशासनिक काम से हटाकर मूल स्कूल भेजा जाएगा. साथ ही सभी संलग्न शिक्षक को मूल स्कूल में रिपोर्ट करने का आदेश दिया गया है. जिसके आधार पर ही फरवरी का वेतन जारी किया जाएगा।
नरेन्द्र कुमार अहिरवार, जिला शिक्षा अधिकारी, भोपाल
