पटना, 12 मार्च (वार्ता) बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने गुरुवार को राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार पर आरोप लगाया कि इस गठबंधन के दो दशकों से अधिक समय तक शासन करने के बावजूद राज्य अधिकांश विकास संकेतकों में सबसे निचले पायदान पर बना हुआ है।
श्री यादव ने आज कहा कि बिहार एक अनूठा उदाहरण है, जहां वर्षों से डबल इंजन वाली राजग सरकार सत्ता में है, फिर भी राज्य गरीबी, बेरोजगारी और पलायन जैसी समस्याओं से जूझ रहा है।
राजद नेता ने दावा किया कि बिहार अभी भी देश का सबसे गरीब राज्य है और पलायन, अपराध, भ्रष्टाचार, बेरोजगारी, बहुआयामी गरीबी तथा स्कूल छोड़ने की दर जैसे कई नकारात्मक संकेतकों में शीर्ष पर है। उन्होंने आरोप लगाया कि साक्षरता दर, प्रति व्यक्ति आय, किसानों की आय, प्रति व्यक्ति निवेश, प्रति व्यक्ति उपभोग, कंप्यूटर साक्षरता और बिजली खपत जैसे मामलों में भी राज्य सबसे नीचे के राज्यों में शामिल है। उन्होंने कहा कि बुनियादी ढांचे, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, औद्योगिक विकास तथा स्कूलों में कंप्यूटर और आईसीटी प्रयोगशालाओं की उपलब्धता में भी बिहार काफी पीछे है।
श्री यादव ने कहा कि शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं जैसे क्षेत्रों में भी राज्य का प्रदर्शन देश के अन्य हिस्सों की तुलना में कमजोर बना हुआ है। उन्होंने राजग सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि बिहार में लगभग 21 वर्षों के शासन के बाद भी राज्य अधिकांश विकास सूचकांकों में सबसे नीचे बना हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि इन समस्याओं को हल करने के बजाय सत्तारूढ़ गठबंधन सत्ता में बने रहने के लिए प्रशासनिक तंत्र, सार्वजनिक संसाधनों और जाति आधारित राजनीति का सहारा ले रहा है।
बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष श्री यादव ने यह भी दावा किया कि बिहार में लोग एलपीजी, बिजली, पेट्रोल और डीजल के लिए अधिक कीमत चुका रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में जमीन और संपत्ति की कीमतें नई दिल्ली और मुंबई जैसे महानगरों से भी अधिक हैं।
श्री यादव ने कहा कि सरकार को विकास संकेतकों पर राज्य के प्रदर्शन की जिम्मेदारी लेनी चाहिए और शासन व्यवस्था, रोजगार के अवसरों तथा लोगों के लिए बुनियादी सुविधाओं में सुधार की दिशा में काम करना चाहिए।
