भोपाल: दावोस से लौटने के बाद मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव से मुख्य सचिव अनुराग जैन ने पुष्पगुच्छ भेंट कर सौजन्य मुलाकात की। पहली नजर में यह भेंट औपचारिक दिखती है, लेकिन हाल ही में कलेक्टरों के साथ हुई मुख्य सचिव की विवादास्पद और सख्त बैठक के संदर्भ में इसे प्रशासनिक तौर पर बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।गौरतलब है कि कुछ दिन पहले कलेक्टरों के साथ बैठक में मुख्य सचिव ने स्पष्ट शब्दों में कहा था कि जिलों से जुड़ी शिकायतें सीधे मुख्यमंत्री और सचिवालय तक पहुंच रही हैं और किसी भी स्तर पर अनियमितता या भ्रष्टाचार छिपा नहीं है। उन्होंने यह तक कहा था कि किसके यहां क्या हो रहा है, इसकी जानकारी ऊपर तक है, और लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई से भी संभव है।
ऐसे समय में दावोस से लौटकर मुख्यमंत्री से मुख्य सचिव की यह मुलाकात प्रशासनिक समन्वय और दिशा तय करने के लिहाज से अहम मानी जा रही है। माना जा रहा है कि दावोस प्रवास के दौरान मिले निवेश प्रस्तावों, औद्योगिक संवाद और राज्य की छवि से जुड़े मुद्दों के बाद अब सरकार जिलों में अनुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही को प्राथमिकता देना चाहती है।
प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक यह भेंट कलेक्टरों को यह स्पष्ट संदेश भी देती है कि मुख्यमंत्री और शीर्ष प्रशासन एक ही लाइन पर हैं, और शासन की प्राथमिकताओं के क्रियान्वयन में किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
