सीहोर। कलेक्टर बालागुरू के. ने बैठक आयोजित कर कृषि, सहकारिता, उद्यानिकी, मत्स्य, मार्कफेड एवं पशुपालन की गतिविधियों एवं कार्यप्रगति की गहन समीक्षा की.
बैठक में कलेक्टर ने कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक समय-सीमा में पहुंचना चाहिए और इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनावश्यक विलंब स्वीकार्य नहीं होगा. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि फील्ड स्तर पर निगरानी मजबूत की जाए और योजनाओं का क्रियान्वयन केवल कागजों तक सीमित न रहे, बल्कि उसका प्रभाव सीधे किसानों और आमजन के जीवन में दिखाई दे.
कृषि विभाग की समीक्षा के दौरान रबी वर्ष में बीज एवं उर्वरक व्यवस्था, गुणवत्ता नियंत्रण तथा विभिन्न योजनाओं की प्रगति प्रस्तुत की गई. बैठक में बताया गया कि जिले में नरवाई जलाने की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए जागरूकता अभियान, कृषि रथ, पंपलेट वितरण एवं अनुदान पर हेप्पी सीडर व सुपर सीडर जैसे यंत्र उपलब्ध कराए गए. इसी तरह प्राकृतिक खेती के तहत 25 क्लस्टरों का गठन कर 3125 किसानों का चयन किया गया तथा 17 बायो इनपुट रिसोर्स सेंटर स्थापित किए गए, जिनके माध्यम से जीवामृत, जैविक आदानों एवं प्रशिक्षण की सुविधा जिले के किसानों को मिल रही है.
