जबलपुर: मप्र हाईकोर्ट ने वन विभाग को निर्देशित किया है कि सेवानिवृत्त याचिकाकर्ता को छह फीसदी ब्याज के साथ वसूली की राशि लौटाएं। जस्टिस एमएस भट्टी की एकलपीठ ने इसके लिए 60 दिन की मोहलत दी है।
दरअसल मंडला निवासी सुनील कुमार दुबे की ओर से अधिवक्ता करण सिंह ठाकुर ने पक्ष रखा। उन्होंने बताया कि याचिकाकर्ता तृतीय श्रेणी के पद से सेवानिवृत्त हुआ है। पूर्व में किए गए अधिक भुगतान के चलते विभाग ने पीपीओं से रिकवरी कर ली। दलील दी गई कि सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के तहत तृतीय वर्ग के कर्मचारी से सेवानिवृत्ति के बाद वसूली नहीं की जा सकती। जिसके बाद न्यायालय ने उक्त निर्देश दिये।
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प्राचार्य को जांच में दोषी पाये जाने के बाद कार्रवाई क्यों नहीं
Sat Jan 24 , 2026
जबलपुर: मप्र हाईकोर्ट ने सरकार से पूछा है कि जनभागीदारी समिति की राशि में हेरफेर के मामले में जांच के बाद शासकीय कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय सागर की प्राचार्य के खिलाफ जांच में दोषी पाए जाने पर कार्रवाई क्यों नहीं की गई। जस्टिस एमएस भट्टी की एकलपीठ ने उच्च शिक्षा […]

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