इंदौर:राज्य सरकार की कई योजना में से एक है उज्जवला योजना. इसमें निम्न मज़दूर वर्ग के लिए घरेलू गैस सब्सिडी योजना है जिसमें उपभोक्ताओं को घरेलू गैस सिलेंडर पर सरकार द्वारा कुछ राशि सब्सिडी के रूप में लौटाई जाती है. यह राशि सीधे हितग्राही के खाते में पहुंचती है. साधारण गैस की वर्तमान में आठ सौ इक्यासी रूपए कीमत है. जबकि सब्सिडी गैस साढ़ चार सौ रूपए है यानी गरीबों को आधी कीमत में गैस सिलेंडर मिलने से बड़ी राहत मिलती है. वार्ड क्रमांक 50 में रामबाई नगर बसा हुआ है जो कि सौ पूरी तरह गरीब निम्न मज़दूरों से भरा पड़ा है. सभी के कच्चे और पतरे के मकान है.
बस्ती में महिलाएं और पुरूष छुटपुट मज़दूरी करते हैं. फिर भी ब-मुश्किल घर का गुज़ारा हो पाता है. क्षेत्र के रहवासियों से उज्ज्वला योजना के बारे में बात की तो मामला कुछ यूं निकल कर सामने आया कि क्षेत्र में कुछ साढ़े तीन सौ परिवार रहते है और कई वर्ष पूर्व गैस सिलेंडर पर सब्सिडी मिला करती थी लेकिन इसे बंद कर दिया गया है. अब सभी मुख्यमंत्री उज्ज्वला योजाना के लाभ से वंचित हो चुके है और सिलेंडर पर किसी भी प्रकार की सब्सिडी नहीं मिल रही है. वर्तमान में सभी को गैस सिलेंडर की पूरी राशि देना पड़ रही है जिससे इनकी जेब पर अतिरिक्त भार पड़ रहा है.
इनका कहना है
पहले जब योजना शुरू हुई थी जब सब्सिडी मिला करती थी. बाद में बंद कर दी जिसके बाद आज तक दोबारा शुरू नहीं की. क्षेत्र में सभी मज़दूर वर्ग रहते हैं.
सुनील पहुरकर
कोई देखने, पूछने भी नहीं आता. लकड़ी कोयला नहीं जला सकते. अब इतनी महंगाई है कि कई परेशानी उठानी पड़ती है. सरकार को हमारा ध्यान रखना चाहिए. गैस सस्ती करना चाहिए.
सुमन बाई
हमारी बस्ती का दोबारा सर्वे करें. यहां कोई पढ़ा लिखा नहीं है. तो हमारी मदद भी करें. केवाईसी करने के लिए सभी के पास कागज है दोबारा सब्सिडी दी जाए.
आकाश जाधव
