
जौनपुर। उत्तर प्रदेश के जौनपुर निवासी सूरज भास्कर का NEET परीक्षा में एमबीबीएस में दाखिला पाने का जुनून खौफनाक मोड़ पर पहुंच गया। फार्मेसी डिप्लोमा के बाद दो बार NEET में असफल रहे सूरज ने कथित तौर पर दिव्यांग कोटे का लाभ लेने के इरादे से खुद को चोट पहुंचाई। 18 जनवरी के आसपास उसने खुद को एनेस्थीसिया इंजेक्ट किया और एक औजार की मदद से बाएं पैर के आगे के हिस्से की उंगलियां काट दीं।
शुरुआत में सूरज ने चोट को दुर्घटना बताने की कोशिश की, लेकिन पुलिस जांच में उसकी कहानी में विरोधाभास सामने आए। मोबाइल कॉल डिटेल्स, उसकी गर्लफ्रेंड के बयान जिसमें उसने किसी भी कीमत पर 2026 में एमबीबीएस में दाखिला लेने की बात कही और उसकी डायरी में डॉक्टर बनने की जिद से जुड़े नोट्स ने पूरे मामले का खुलासा कर दिया।
फिलहाल सूरज की हालत स्थिर बताई जा रही है और उसका इलाज चल रहा है। पुलिस के अनुसार, स्वयं द्वारा की गई ऐसी चोटें दिव्यांग कोटे के अंतर्गत मान्य नहीं होतीं। मामले में कानूनी कार्रवाई की संभावना भी जताई जा रही है।
गौरतलब है कि भारत में NEET की प्रतिस्पर्धा बेहद कड़ी है, जहां हर साल 20 लाख से अधिक अभ्यर्थी 1 लाख से भी कम मेडिकल सीटों के लिए परीक्षा देते हैं। इस दबाव ने एक बार फिर परीक्षा प्रणाली और छात्रों पर पड़ने वाले मानसिक तनाव को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
