नई दिल्ली | केंद्रीय बजट 2026 भारत के खेल इतिहास के लिए एक ऐतिहासिक मोड़ साबित होने वाला है। सरकार 2036 ओलंपिक की मेजबानी की दावेदारी को मजबूती देने के लिए खेल बजट में करीब 30% की भारी बढ़ोतरी कर इसे ₹4,500 करोड़ के पार ले जा सकती है। बजट का मुख्य फोकस विश्वस्तरीय स्टेडियमों के निर्माण और स्पोर्ट्स साइंस में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के इस्तेमाल पर होगा। ग्रासरूट लेवल पर प्रतिभाओं को निखारने के लिए ‘खेलो इंडिया’ योजना के बजट में भी बड़ी वृद्धि की संभावना है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों के खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं मिल सकेंगी।
इस बजट में भारत को ‘स्पोर्ट्स गुड्स’ का ग्लोबल हब बनाने के लिए विशेष PLI स्कीम (Production Linked Incentive) की घोषणा की जा सकती है। खेल उपकरण बनाने वाली कंपनियों को टैक्स में छूट देकर सरकार न केवल देश में अंतरराष्ट्रीय स्तर के गियर सस्ते करना चाहती है, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी पैदा करने का लक्ष्य है। इसके अलावा, एथलीटों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए एक ‘एथलीट वेलफेयर फंड’ और ‘TOPS’ (Target Olympic Podium Scheme) के विस्तार का प्रस्ताव है, ताकि पदक विजेताओं को रिटायरमेंट और मेडिकल इंश्योरेंस की स्थायी सुविधा मिल सके।
बजट 2026 से खेल प्रेमियों को जीएसटी (GST) दरों में कटौती की भी उम्मीद है, विशेषकर जिम इक्विपमेंट्स और खेल के सामानों पर। सूत्रों के अनुसार, सरकार हर जिले में एक आधुनिक स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स बनाने और ‘खेलो इंडिया सेंटर’ की संख्या को दोगुना करने का लक्ष्य रख रही है। निजी खेल अकादमियों को सब्सिडी और स्कूलों में डिजिटल स्पोर्ट्स एजुकेशन को अनिवार्य बनाने के लिए विशेष आवंटन किया जा सकता है। यह बजट केवल आंकड़ों का खेल नहीं, बल्कि भारत को एक ‘स्पोर्टिंग नेशन’ बनाने की दिशा में एक ठोस ब्लूप्रिंट साबित होगा।

