उज्जैन: महाकाल की नगरी में महाकुंभ 2028 की तैयारी जिस बड़े पैमाने पर चल रही है ऐसे में दशहरा मैदान पर होने वाले आयोजन को कार्तिक मेला ग्राउंड पर ले जाने के निर्णय को नवाचार की दृष्टि से देखा जा रहा है, और यह अवसर और भी खास बन जाता है जब मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव स्वयं 26 जनवरी को झंडा वंदन कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हो रहे हो.भोपाल से लेकर उज्जैन जिला प्रशासन ने ताकत झोंक दी है माध्यम के अधिकारी उज्जैन में डेरा डाल चुके हैं प्रचार-प्रसार से लेकर आयोजनों की फेहरिस्त बनाई जा रही है और जहां पर शिप्रा नदी किनारे पर सांस्कृतिक पारंपरिक कार्तिक मेला लगता है वहां पर इस बार झंडा वंदन मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव द्वारा किया जाएगा.
तीन पुलिस बैंड आकर्षण का केंद्र
दरअसल उज्जैन में राहगीरी और गणतंत्र दिवस का कार्यक्रम मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के नेतृत्व में किया जा रहा है. दोनों कार्यक्रम में सीएम शामिल होंगे. 25 जनवरी को कोठी रोड पर जहां राहगीरी का आयोजन होगा वहीं 26 जनवरी को तिरंगा फहराया जाएगा. ऐसे में भोपाल से भी पुलिस बैंड बुलाया गया है. महाकाल का बैंड भी शामिल रहेगा जो 25 और 26 जनवरी दोनों दिन प्रस्तुति देगा. दर्शकों और उपस्थित जनसमूह के लिए यह आकर्षण का केंद्र रहेगा.
घोड़े से होगी मुख्यमंत्री की एंट्री
नवभारत से चर्चा में राहगीरी के इवेंट डायरेक्टर कपिल यार्दे ने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की एंट्री राहगीरी के आयोजन में घोड़े से होगी और इस दौरान पुलिस बैंड द्वारा स्वागत कार्यक्रम भी रखा गया है. तरणताल से लेकर कोठी रोड तक 60 से अधिक स्टॉल और स्वागत मंच लगाए जाएंगे. वहीं बिक्री केंद्र भी रहेंगे और उपस्थित जनसमूह द्वारा डॉ यादव का स्वागत सत्कार भी किया जाएगा.
सभी विभाग कर रहे हैं रिहर्सल
राहगीरी और 26 जनवरी के लिए सरकारी विभागों ने भी ताकत झोक दी है. विक्रम यूनिवर्सिटी, कालिदास अकादमी, कृषि विभाग, विकास प्राधिकरण, जेल विभाग, उद्यानिकी, नगर निगम, जलसंसाधन, स्मार्ट सिटी ने भी अपनी भूमिका का निर्वहन दोनों स्थानों पर करने का निर्णय लिया. सभी जगह परेड और रिहर्सल कार्यक्रम शुरू हो गए हैं.
झांकी भी बनाई जा रही
सभी विभाग अपनी अपनी झांकियां भी गणतंत्र दिवस के उपलक्ष्य में बना रहे हैं. इन विभागों द्वारा सीएम डॉ यादव का स्वागत राहगीरी के दौरान किया जाएगा. ऐसे में पूरे 2 किलोमीटर मार्ग को सजाया संवारा जा रहा है. रंग रोगन किया जा रहा है. पेड़ों से लेकर दीवारों तक की रंगा पुताई की गई है. पेवर ब्लॉक लगाए जा रहे है.
