
खंडवा। खंडवा की अदालत ने एक बड़ा फैसला सुनाया है। धड़ से सर को अलग करके व्यक्ति वहीं खड़ा रहा था। बेखौफ इरादों वाले इस व्यक्ति को समाज में नहीं रहने का फरमान जारी हुआ है। अदालत ने केवल सात माह में ऐसे दूर्दांत और खूंखार आरोपी को मृत्युदंड यानि फांसी की सजा सुनाई है। जादू टोने के शक में उसने पड़ोसी की ही गर्दन हलाल कर दी थी।
केवल सात माह में नए कानून के तहत ऐतिहासिक फैसला
मात्र सात माह में नृशंस हत्या करने वाले आरोपी को मृत्युदंड की सजा सुनाई है। पूरे मामले में बोरगांव चौकी प्रभारी व डीएनए रिपोर्ट की भूमिका अहम रही है।
मीडिया सेल प्रभारी हरिप्रसाद बांके एडीपीओ ने बताया कि, 12 दिसंबर 2024 को पंधाना थानाक्षेत्र के छनेरा में आरोपी चंपालाल उर्फ नंदू ने अपने पड़ोस में रहने वाले रामनाथ पर जादू टोने की शंका में कुल्हाड़ी से वार कर गर्दन शरीर से अलग कर दी थी । मृतक रामनाथ की पत्नी ने शोर मचाया। तभी आसपास के लोग मृतक के घर पास पहुंचे।
सर कटी लाश का पहरेदार बना हत्यारा
सर कटी लाश के पास नंदू पहरेदार जैसा खून से सनी कुल्हाड़ी लेकर बैठा रहा। गांव के किसी व्यक्ति की हिम्मत नहीं हुई कि उसे पकड़ ले। पुलिस ने सुबह बड़ी मुश्किल से उसे काबू में किया। ऐसे दरिंदे का खौफ गांव में 8 दिन तक देखने को मिला था। अदालत ने ऐसी कई बातें देखी होंगी, जिसमें नंदू को गांव तो क्या, जिले या दुनिया में ही नहीं रखने लायक दिखा।
खूंखार दरिंदे के ऐसे थे इरादे
आरोपी नंदू कुल्हाड़ी लेकर टीन के बरामदे में लाश के पास खड़ा रहा था।चिल्लाता रहा था कि कोई पास में आएगा तो उसे भी कुल्हाड़ी से काट दूंगा। डर के कारण घर के कारण उसके पास कोई नहीं गया। इसकी सूचना पुलिस को दी। पुलिस घटनास्थ पर पहुंची और आरोपी को गिरफ्तार कर उसके हाथ से कुल्हाड़ी जब्त की गई ।
पुख्ता साक्ष्य ने दिलाई फांसी
एसआई.रामप्रकाश यादव ने मृतक का सिर एवं धड़ अलग-अलग बरामद किए थे। मृतक की पत्नी की शिकायत पर आरोपी के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया गया। न्यायालय ने डीएनए रिपोर्ट एवं घटना स्थल पर पुलिस की उपस्थिति को अहम साक्ष्य माना।
