
निवाड़ी। कल्पना कीजिए, कोई व्यक्ति गुजर चुका हो और फिर भी उसके खाते में सालों तक सरकारी पेंशन आती रहे। सुनने में यह किसी कहानी जैसा लगे, लेकिन हकीकत में ऐसा ही हुआ है निवाड़ी जिले के शक्तिभैरव गांव में। यहां 2019 में मृत तुलसा पत्नी डरेले कोरी के खाते में लगातार चार साल तक पेंशन आती रही और किसी अधिकारी-कर्मचारी को इसका पता तक नहीं चला।
यह चौंकाने वाला मामला जनसुनवाई के दौरान सामने आया, जिसके बाद कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़ ने जिला पंचायत सीईओ को जांच के निर्देश दिए। शिकायतकर्ता जिला पंचायत उपाध्यक्ष गयादीन अहिरवार ने ग्रामीणों के साथ मिलकर बताया कि ग्राम पंचायत शक्तिभैरव के तत्कालीन सचिव श्यामसुंदर चौरसिया की लापरवाही से मृतक के नाम पर भुगतान जारी रहा।
ग्रामीणों का आरोप है कि अधिकारियों के संज्ञान में मामला आने के बाद भी दोषियों पर कार्रवाई नहीं की गई। यह लापरवाही न सिर्फ पंचायत स्तर की गड़बड़ी है, बल्कि पूरे निगरानी तंत्र की कमजोरी को उजागर करती है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह मामला तो सिर्फ एक उदाहरण है, यदि जिले की सभी पंचायतों की जांच की जाए तो कई और ऐसे कारनामे सामने आ सकते हैं। यह घटना प्रदेश की सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की पारदर्शिता और जिम्मेदारी पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
