छतरपुर। छतरपुर जिले के हरपालपुर नगर में पेयजल व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। नगर परिषद की लापरवाही के चलते लोगों को पीने के लिए गंदा और बदबूदार पानी मिल रहा है। इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों के बाद भी हरपालपुर में पेयजल व्यवस्था में कोई ठोस सुधार नजर नहीं आ रहा है।
बीते कई दिनों से नगर के विभिन्न वार्डों में नलों से पीला, बदबूदार और गंदा पानी आ रहा है। पानी की दुर्गंध इतनी तेज है कि लोगों को उल्टी जैसा महसूस हो रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद नगर परिषद के अधिकारी गंभीरता नहीं दिखा रहे हैं। शिकायत करने पर केवल यह कह दिया जाता है कि नल खुलने के कुछ देर बाद पानी भरें।
नगर की करीब 50 हजार गैलन क्षमता वाली पानी की टंकी की स्थिति भी बेहद खराब बताई जा रही है। लोगों का आरोप है कि टंकी की कई वर्षों से सफाई नहीं कराई गई, जबकि इसी टंकी से पूरे नगर में पानी सप्लाई किया जाता है। इसके अलावा करीब 30 साल पुरानी पाइपलाइन जगह-जगह से क्षतिग्रस्त हो चुकी है, जिससे नालियों का गंदा पानी सप्लाई लाइन में मिल रहा है।
इंदौर हादसे के बाद जिला कलेक्टर के निर्देश पर पानी के सैंपल तो लिए गए हैं, लेकिन अब तक दूषित पानी की असली वजह सामने नहीं आ सकी है। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद नगर परिषद और जल निगम के कर्मचारी मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की।
स्थानीय लोगों ने मांग की है कि नगर परिषद तत्काल टंकी की सफाई कराए, पुरानी पाइपलाइनों को बदले और शुद्ध पेयजल की स्थायी व्यवस्था करे। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सुधार नहीं हुआ, तो स्थिति गंभीर स्वास्थ्य संकट का रूप ले सकती है।
